सीजी भास्कर, 05 जुलाई : मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में आयोजित भाजपा के जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया। नगर पंचायत खोंगापानी में आयोजित सम्मेलन के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष चम्पा देवी पावले के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। मनेंद्रगढ़ भाजपा प्रदर्शन (Manendragarh BJP Protest) के दौरान कार्यकर्ताओं ने संगठन की कार्यप्रणाली, एल्डरमैन नियुक्तियों और संगठनात्मक फैसलों में कथित मनमानी का आरोप लगाते हुए पारदर्शिता की मांग उठाई। इस घटनाक्रम ने जिले में भाजपा संगठन के भीतर चल रही नाराजगी को सार्वजनिक कर दिया।
एल्डरमैन नियुक्तियों को लेकर फूटा कार्यकर्ताओं का गुस्सा
जानकारी के अनुसार, सम्मेलन में जिला अध्यक्ष सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे। इसी दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसमें बाद में बड़ी संख्या में अन्य कार्यकर्ता भी शामिल हो गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि नगर पंचायतों और स्थानीय निकायों में एल्डरमैन नियुक्ति (Elderman Appointment) के दौरान वर्षों से पार्टी के लिए समर्पित और सक्रिय कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई, जबकि कुछ चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता दी गई। मनेंद्रगढ़ भाजपा प्रदर्शन (Manendragarh BJP Protest) के दौरान कार्यकर्ताओं ने नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग भी उठाई।
नगर पंचायत खोंगापानी में आयोजित भाजपा के जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष चम्पा देवी पावले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एल्डरमैन नियुक्ति (Elderman Appointment) में पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की गई है तथा संगठनात्मक निर्णयों में पारदर्शिता का अभाव है। विरोध के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए संगठन के शीर्ष नेतृत्व से हस्तक्षेप की मांग भी की।
वरिष्ठ कार्यकर्ता भी विरोध प्रदर्शन में हुए शामिल
प्रदर्शन में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेंद्र विश्वकर्मा और पूर्व मंडल अध्यक्ष विनोद गुप्ता सहित कई वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि संगठनात्मक फैसलों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है तथा मनमाने तरीके से कुछ लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। उनका आरोप था कि वर्षों से पार्टी के लिए कार्य कर रहे समर्पित कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है, जिससे संगठन के भीतर असंतोष बढ़ता जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि इसी प्रकार निर्णय लिए जाते रहे तो मनेंद्रगढ़ भाजपा प्रदर्शन (Manendragarh BJP Protest) जैसी परिस्थितियां भविष्य में भी देखने को मिल सकती हैं।
संगठन की एकजुटता पर असर पड़ने की दी चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कार्यकर्ताओं की भावनाओं और सुझावों की लगातार अनदेखी होती रही तो इसका असर संगठन की एकजुटता और भविष्य की राजनीतिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। उनका कहना था कि भाजपा जैसे बड़े संगठन की मजबूती उसके समर्पित कार्यकर्ताओं पर आधारित है और नियुक्तियों सहित सभी संगठनात्मक निर्णय निष्पक्ष एवं पारदर्शी होने चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ताओं ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व से पूरे मामले की समीक्षा करने की मांग भी की। मनेंद्रगढ़ भाजपा प्रदर्शन (Manendragarh BJP Protest) ने जिले में संगठनात्मक असंतोष को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
जिला अध्यक्ष ने नारेबाजी को बताया अनुचित
जिला अध्यक्ष चम्पा देवी पावले ने पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा में संवाद और संगठनात्मक प्रक्रिया के माध्यम से समस्याओं का समाधान किया जाता है। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान यदि किसी कार्यकर्ता को शिकायत थी तो वह अपनी बात रख सकता था। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं से बातचीत का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने अपनी नाराजगी का विस्तृत कारण साझा नहीं किया। फिलहाल मनेंद्रगढ़ भाजपा प्रदर्शन (Manendragarh BJP Protest) के बाद यह मामला जिले की राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।



