सीजी भास्कर, 14 सितंबर। छत्तीसगढ़ से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को दंग कर दिया। रविवार (Medical Miracle) की सुबह अचानक एक बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ने पर परिवारजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। पहले तो किसी को समझ ही नहीं आया कि अचानक उनकी हालत इतनी नाजुक क्यों हो गई है। बुजुर्ग के मुंह से खून निकल रहा था और वे निगलने तक में असमर्थ थे। डॉक्टरों की टीम ने जब एक्स-रे कराया तो सामने आया ऐसा सच जिसने सबको हैरान कर दिया।
दरअसल, उसलापुर निवासी 74 वर्षीय बुजुर्ग ने आत्महत्या करने का प्रयास किया था। इसके लिए उन्होंने एक साथ छह सेविंग ब्लेड निगल लिए थे। यही ब्लेड उनके गले में फंस गए थे और जानलेवा स्थिति बन गई थी। हालत गंभीर होने पर तुरंत (Medical Miracle) की तैयारी की गई। डॉक्टरों की टीम ने बिना वक्त गंवाए मरीज को ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट किया।
घटना छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर की है। रविवार की सुबह करीब 10 बजे मरीज को लाया गया था। गले में छह ब्लेड फंसे होने से खून निकलने लगा था। जरा सी देरी उनकी जान पर भारी पड़ सकती थी। डॉ. विद्याभूषण साहू ने तत्काल ईएनटी विभाग की एचओडी और अन्य विशेषज्ञों को बुलाया। सूचना मिलते ही एनेस्थीसिया विभाग की टीम भी सक्रिय हो गई। करीब दो घंटे तक चले सर्जरी में (Medical Miracle) को अंजाम देते हुए ब्लेड को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया। फिलहाल मरीज की हालत स्थिर बताई जा रही है।
ऑपरेशन थिएटर में डॉ. आरती पांडेय, डॉ. विद्याभूषण साहू, डॉ. दीपांजली, डॉ. महादेव बारसे, डॉ. शीतल और डॉ. मधुमिता मूर्ति सहित कई विशेषज्ञों ने मिलकर यह कठिन सर्जरी पूरी की। इस (Medical Miracle) ने एक बार फिर साबित किया कि सिम्स की टीम कितनी सक्षम और तैयार है।
डीन डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि सिम्स मेडिकल कॉलेज अस्पताल लगातार जटिल से जटिल सर्जरी को सफलता से पूरा कर रहा है। हाल ही में कई गंभीर मरीजों को जीवनदान दिया गया है। उनका कहना है कि विज्ञान और सेवा का संयोजन ही हमें प्रेरित करता है कि हर परिस्थिति में मरीज को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराया जाए। इस (Medical Miracle) की सफलता ने न केवल मरीज का जीवन बचाया बल्कि पूरे क्षेत्र में सिम्स पर भरोसा और मजबूत कर दिया।



