सीजी भास्कर, 19 अगस्त : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में मनरेगा के तहत कराए गए नाली निर्माण में लापरवाही और घटिया गुणवत्ता का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। ग्राम पंचायत कचंदा में अप्रैल माह में बनाई गई नाली क्षतिग्रस्त होने के बाद जांच कराई गई। जांच में निर्माण कार्य बेहद खराब स्तर का पाए जाने पर पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है।
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मौके पर पहुंचकर सीईओ ने किया निरीक्षण
ग्राम पंचायत कचंदा में नाली क्षतिग्रस्त होने की सूचना 13 अगस्त को प्रशासन को मिली थी। सूचना मिलते ही उसी दिन जांच के आदेश जारी कर दिए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वासु जैन स्वयं मौके पर पहुंचे और निर्माण स्थल का भौतिक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान नाली निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई। इसके बाद जिम्मेदार अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई।
पंचायत सचिव तत्काल निलंबित
जांच में निर्माण कार्य में घोर लापरवाही और घटिया गुणवत्ता सामने आने के बाद ग्राम पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों में जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
मनरेगा निर्माण (MGNREGA Drain Action) में गुणवत्ता से समझौता किए जाने को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। इसी के तहत सचिव के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
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तकनीकी सहायक अटैच, अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू
निर्माण कार्य की तकनीकी निगरानी की जिम्मेदारी संभालने वाले तकनीकी सहायक यानी TA पर भी कार्रवाई की गई है। पदीय दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन नहीं करने के कारण तकनीकी सहायक को अटैच कर दिया गया है।
इसके साथ ही उसके खिलाफ आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने निर्माण कार्यों की तकनीकी गुणवत्ता की निगरानी को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
सरपंच के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज
ग्राम पंचायत के सरपंच के खिलाफ भी पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। मामला कार्रवाई के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है।
इस कार्रवाई (MGNREGA Drain Action) से स्पष्ट है कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह बनाया जाएगा।
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घटिया निर्माण पर अब सख्त कार्रवाई के निर्देश
जिला पंचायत के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी वासु जैन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मनरेगा समेत सभी विकास और निर्माण परियोजनाओं में गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, घटिया सामग्री का इस्तेमाल या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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