Microlight Flight Training: गरियाबंद ज़िले के देवभोग क्षेत्र से आए सात NCC कैडेट्स ने वह अनुभव हासिल किया, जो अक्सर शहरों के एयरोस्पेस संस्थानों में ही देखने को मिलता है। जगदलपुर के मां दंतेश्वरी एयरबेस पर हुए तीन दिवसीय Microlight Flight Training कार्यक्रम ने इन युवा कैडेट्स के लिए आसमान को बिल्कुल नए तरीके से खोल दिया। बाल दिवस के अवसर पर आयोजित यह विशेष सत्र न सिर्फ़ तकनीकी प्रशिक्षण था, बल्कि साहस और नेतृत्व का एक वास्तविक पाठ भी साबित हुआ।
एविएशन का व्यावहारिक पाठ, जिसमें हर उड़ान ने दिया एक सबक
कैडेट्स ने माइक्रोलाइट विमान में टेक-ऑफ, लैंडिंग, सर्किट पैटर्न और हवा की स्थिति में होने वाले बदलावों के बीच विमान नियंत्रण की बारीकियों को समझा। Aviation Skills का यह अनुभव उनके लिए किताबों से परे जाकर वास्तविक दुनिया का सामना करने जैसा था।
ट्रेनिंग के दौरान बेस लेग, डाउनविंड लेग, क्रॉसविंड लेग और RPM कंट्रोल जैसे तकनीकी हिस्सों को बेहद सरल लेकिन प्रैक्टिकल तरीके से समझाया गया, ताकि उड़ान के दौरान कोई भी निर्णय आत्मविश्वास के साथ लिया जा सके।
Microlight Flight Training: ग्रामीण अंचल से आए कैडेट्स में बढ़ा आत्मविश्वास और नेतृत्व
इस विशेष आयोजन में शामिल रौनक देवांगन, खुशाल साहू, प्रशांत ध्रुव, गौरव कश्यप, चांदनी शर्मा, हंसिका अवस्थी और वैष्णवी ठाकुर—इन सातों युवा कैडेट्स के चेहरे पर उड़ान के बाद जो चमक थी, वह बताने लायक नहीं, महसूस करने लायक थी।
गाइडिंग टीम ने कैडेट्स को न सिर्फ़ कंट्रोल्स समझाए, बल्कि उड़ान के हर सेकंड में यह महसूस कराया कि Leadership Skills कैसे विकसित होती है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आए इन छात्रों के लिए यह अनुभव अपने-आप में एक नया उड़ान बिंदु बन गया।
टेक्निकल ट्रेनिंग के साथ सुरक्षा और अनुशासन का गंभीर पाठ
माइक्रोलाइट Virus SW-80 विमान में उड़ान भरते समय कैडेट्स ने जाना कि विमान चलाना सिर्फ़ मशीन को ऑपरेट करना नहीं, बल्कि हवा, ऊंचाई, गति, संतुलन और सुरक्षा—इन सभी को एक साथ महसूस करना होता है।
विंग कमांड स्तर की टीम ने उन्हें बताया कि Flight Disciplineकेवल टेक-ऑफ या लैंडिंग तक सीमित नहीं, बल्कि हर मिनट, हर मूवमेंट में मौजूद रहता है।
भविष्य में एयरोस्पेस करियर के लिए बढ़ी संभावनाएँ
इस कार्यक्रम ने सिर्फ़ एक अनुभव ही नहीं दिया, बल्कि कैडेट्स के लिए भविष्य के नए रास्ते भी खोल दिए। अब वे बेहतर समझ रखते हैं कि एविएशन और एयरोस्पेस में करियर कैसा हो सकता है, किस तरह की ट्रेनिंग चाहिए और कौन-कौन से क्षेत्र उनके लिए उपलब्ध हैं।
ग्रामीण इलाक़ों के छात्रों को इस तरह का एक्सपोज़र मिलने से शिक्षा और कौशल विकास के स्तर को नई दिशा मिल सकती है। यह पहल भविष्य में भी कई युवा कैडेट्स को प्रेरणा देगी।
Microlight Flight Training: देवभोग के ये सात कैडेट्स अगले कदम के लिए तैयार
देवभोग के इन युवा NCC कैडेट्स ने सिद्ध कर दिया है कि अवसर मिले तो गांव का बच्चा भी आसमान छू सकता है।
Microlight Flight Training का यह अनुभव न सिर्फ़ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि ग्रामीण भारत में प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं।


