सीजी भास्कर, 02 जुलाई : न्यायधानी बिलासपुर में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली और रूह कंपा देने वाली वारदात (Minor Girl Rape) सामने आई है। यहां तोरवा थाना क्षेत्र में एक 16 साल की स्कूली छात्रा को हवस का शिकार बनाया गया है। एक शातिर युवक ने पहले मासूम छात्रा को अपने प्रेमजाल में फंसाया, फिर घूमाने के बहाने होटल ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इतने से भी जब आरोपी का मन नहीं भरा, तो वह बदनामी का डर दिखाकर पीड़ित नाबालिग को पिछले 10 महीनों से लगातार ब्लैकमेल करता रहा और उसकी आबरू लूटता रहा। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
अगस्त 2025 में रची गई थी पहली घिनौनी साजिश
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सिरगिट्टी थाना क्षेत्र की रहने वाली 16 वर्षीय पीड़िता स्कूल की छात्रा है। पढ़ाई के दौरान करीब साल भर पहले उसकी मुलाकात अभिषेक धीरज (पिता विजय धीरज) नाम के युवक से हुई थी। अभिषेक ने अपनी मीठी-मीठी बातों से पहले छात्रा से दोस्ती गांठी और फिर उसे प्यार के झूठे जाल में फंसा लिया। इसके बाद, अगस्त 2025 में आरोपी घूमाने के बहाने मासूम को तोरवा क्षेत्र के एक होटल में ले गया, जहां उसने छात्रा की मर्जी के खिलाफ उसके साथ पहली बार रेप किया। जब पीड़िता ने विरोध किया, तो उसने जान से मारने और चुप रहने की धमकी दी।
10 महीने तक चलता रहा ब्लैकमेलिंग और दरिंदगी का खेल
पहली बार वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अभिषेक धीरज की दरिंदगी और बढ़ती चली गई। वह 18 अगस्त 2025 से लेकर 6 जून 2026 तक लगातार पीड़िता का शारीरिक शोषण करता रहा। इस दौरान जब भी नाबालिग छात्रा ने उसका विरोध किया या उससे मिलने से मना किया, तो आरोपी उसे समाज में बदनाम करने की धमकी देने लगा। आरोपी की धमकियों और रोज-रोज के टॉर्चर से तंग आकर आखिरकार पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और रोते हुए अपने परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई।
सलाखों के पीछे पहुंचा आरोपी
मासूम बेटी के साथ हुई इस हैवानियत को सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। वे तुरंत पीड़िता को लेकर तोरवा थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। नाबालिग से जुड़े इस बेहद गंभीर और संवेदनशील मामले पर तोरवा पुलिस ने बिना वक्त गंवाए आरोपी अभिषेक धीरज के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और दुष्कर्म की संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को उसके ठिकाने से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद सीधे जेल भेज दिया गया है।



