सीजी भास्कर, 19 जून : छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार (Electricity Rate Hike Chhattisgarh) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर कबीरधाम जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू ने राज्य सरकार पर आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में बिजली दरों में लगातार वृद्धि से किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और मध्यमवर्गीय परिवारों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
‘ढाई साल में चार बार बढ़ाई गई बिजली दर’
विधायक दलेश्वर साहू ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार बनने के बाद पिछले ढाई वर्षों में बिजली दरों में चार बार वृद्धि की गई है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती बिजली कीमतों का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है और घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है।
कांग्रेस सरकार की योजनाओं का किया उल्लेख
प्रेस वार्ता के दौरान दलेश्वर साहू ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय लोगों को सस्ती बिजली (Electricity Rate Hike Chhattisgarh) उपलब्ध कराने के लिए कई कदम उठाए गए थे। उन्होंने ‘बिजली बिल हाफ योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना से लाखों परिवारों को राहत मिली थी और बिजली खर्च कम हुआ था।
’45 लाख उपभोक्ताओं के बढ़े बिजली बिल’
कांग्रेस विधायक ने दावा किया कि जून महीने में प्रदेश के 45 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में औसतन तीन गुना तक अधिक बिल प्राप्त हुए हैं। इससे आम लोगों में असंतोष और चिंता का माहौल है। उन्होंने कहा कि बढ़े हुए बिजली बिलों के कारण घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे व्यवसायी और किसान भी प्रभावित हो रहे हैं।
12 प्रतिशत विद्युत शुल्क पर भी उठाए सवाल
दलेश्वर साहू ने आरोप लगाया कि बिजली दरों में बढ़ोतरी के साथ सरकार ने 12 प्रतिशत विद्युत शुल्क का अतिरिक्त भार भी जनता पर डाल दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में उपभोक्ताओं को मनमाने ढंग से बिजली बिल जारी किए जा रहे हैं, जिससे लोगों की आर्थिक मुश्किलें बढ़ रही हैं।
जनता को राहत देने की मांग
कांग्रेस ने राज्य सरकार से बिजली दरों में की गई वृद्धि पर पुनर्विचार करने और उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में बिजली की कीमतों में वृद्धि आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।





