सीजी भास्कर, 05 अप्रैल : अब विधवा एवं परित्यक्त महिलाएं भी मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना (Mukhyamantri Teerth Darshan Yojana) का लाभ उठा सकेंगी। पूर्व में यह योजना केवल वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों के लिए सीमित थी, लेकिन राज्य सरकार ने इसका दायरा बढ़ाते हुए विधवा और परित्यक्त महिलाओं को भी शामिल कर लिया है।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ के जिलों में जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें जिले के प्रभारी मंत्री अध्यक्ष, कलेक्टर उपाध्यक्ष तथा अन्य प्रमुख अधिकारी सदस्य होंगे। आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में हिंदी भाषा में दो प्रतियों में जमा करना होगा, जिस पर आवेदक की रंगीन फोटो चस्पा होनी चाहिए।
निवास प्रमाण के रूप में आधार कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र अथवा राज्य शासन द्वारा मान्य कोई अन्य प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। साथ ही, दो नाम निर्देशितियों के नाम एवं मोबाइल नंबर भी देना आवश्यक है। 65 वर्ष से अधिक उम्र के आवेदक यदि अकेले यात्रा कर रहे हैं, तो वे 21 से 50 वर्ष के बीच एक सहायक को साथ ले जा सकते हैं।
दिव्यांग यात्रियों (Mukhyamantri Teerth Darshan Yojana) के लिए सहायक की उपस्थिति अनिवार्य होगी, और यदि पति-पत्नी में से कोई एक पात्र है, तो जीवनसाथी को साथ जाने की अनुमति होगी, बशर्ते उसका आवेदन साथ संलग्न हो। योजना के तहत 75% लाभार्थी ग्रामीण क्षेत्रों से और 25% शहरी क्षेत्रों से होंगे।
कुल लाभार्थियों में 80% बीपीएल, अंत्योदय एवं मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना कार्डधारी तथा 20% गरीबी रेखा से ऊपर के लेकिन गैर-आयकरदाता नागरिक होंगे। आवेदन की संख्या अधिक होने पर चयन लॉटरी प्रणाली द्वारा होगा और 25% अतिरिक्त प्रतीक्षा सूची भी बनाई जाएगी। यह योजना (Mukhyamantri Teerth Darshan Yojana) राज्य सरकार की समावेशी सोच को दर्शाती है, जो सामाजिक रूप से वंचित वर्गों को भी धार्मिक व सांस्कृतिक यात्रा का अवसर प्रदान करती है।