मुंगेली: Mungeli Urea Black Marketing News : खेती-किसानी के सीजन में खाद की कालाबाजारी और निर्धारित दर से अधिक वसूली की शिकायतों पर मुंगेली जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने जिला मुख्यालय स्थित निजी कृषि केंद्रों का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया, जिससे खाद विक्रेताओं में हड़कंप मच गया।
बड़े कृषि केंद्रों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
एसडीएम अजय शतरंज के नेतृत्व में उप संचालक कृषि और नायब तहसीलदार की टीम ने शहर की प्रमुख उर्वरक दुकानों पर दबिश दी। जांच के दायरे में ये प्रमुख केंद्र रहे:
- सुपर एजेंसी
- पंजाब एजेंसी
- कैलाश ट्रेडर्स
- शक्ति माई कृषि केंद्र
रजिस्टर और POS मशीन की गहन पड़ताल
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केवल खानापूर्ति नहीं की, बल्कि दस्तावेजों की बारीकी से जांच की:
- स्टॉक मिलान: दुकानों में रखे यूरिया के स्टॉक और स्टॉक रजिस्टर में दर्ज आंकड़ों का मिलान किया गया।
- बिक्री रसीदें: ग्राहकों को दी गई रसीदों की जांच की गई ताकि यह पता चल सके कि कहीं शासन द्वारा तय रेट से ज्यादा पैसे तो नहीं लिए जा रहे।
- POS मशीन: पीओएस मशीन के जरिए हो रहे ट्रांजैक्शन और डिजिटल रिकॉर्ड को भी खंगाला गया।
किसानों से सीधा संवाद
प्रशासनिक टीम ने दुकानों पर खाद खरीदने पहुंचे किसानों से सीधे चर्चा की। अधिकारियों ने उनसे पूछा कि उन्हें यूरिया किस रेट पर मिल रहा है और क्या दुकानदार रसीद दे रहा है या नहीं। साथ ही, क्षेत्र में यूरिया की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर भी फीडबैक लिया गया।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
एसडीएम अजय शतरंज ने सभी विक्रेताओं को दो-टूक शब्दों में निर्देश दिए हैं:
- पोर्टल आधारित बिक्री: यूरिया केवल ‘किसान पोर्टल’ में दर्ज रकबे (Land record) के आधार पर ही दिया जाए।
- निर्धारित दर: शासन द्वारा तय एमआरपी (MRP) से एक रुपया भी अधिक लेना अपराध माना जाएगा।
- दंडात्मक कार्रवाई: यदि भविष्य में अधिक कीमत वसूली या स्टॉक की हेराफेरी पाई गई, तो दुकान का लाइसेंस निरस्त करने के साथ-साथ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किसानों के लिए जरूरी संदेश:
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे जागरूक बनें। यदि कोई भी कृषि केंद्र निर्धारित मूल्य से अधिक राशि की मांग करता है, तो:
- तुरंत इसकी शिकायत कृषि विभाग या अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को करें।
- हर खरीदारी की पक्की रसीद जरूर मांगें।


