सीजी भास्कर, 14 जुलाई : मुंगेली शहर को आकर्षक बनाने के लिए स्वीकृत 3 करोड़ 63 लाख 73 हजार रुपये की स्वागत द्वार (Mungeli Welcome Gate) परियोजना अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। बरसात के बीच लोरमी रोड की खुदाई और निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार से यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। कीचड़, जाम और अव्यवस्थित डायवर्जन से रोजाना हजारों लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों ने ठेकेदार की कार्यशैली और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठाए हैं।
एक साल बाद भी अधूरा काम
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव की पहल पर अधोसंरचना मद से नगर के पांच प्रमुख मार्गों पर भव्य स्वागत द्वार बनाने के लिए राशि स्वीकृत की गई थी। नगर पालिका ने निविदा प्रक्रिया पूरी करने के बाद 30 जून 2025 को मेसर्स रूप केशरी कंस्ट्रक्शन को कार्यादेश जारी किया था। हालांकि कार्यादेश जारी हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक केवल रायपुर रोड और नवागढ़ रोड पर दो स्वागत द्वारों का निर्माण शुरू हो पाया है, जो अभी भी अधूरा है।
बरसात में खोदी सड़क, बढ़ी मुश्किलें
मुंगेली स्वागत द्वार परियोजना (Mungeli Welcome Gate) के तहत ठेकेदार ने बरसात के दौरान ही लोरमी जाने वाले मुख्य मार्ग की खुदाई कर दी। इसके बाद आवागमन के लिए बनाई गई अस्थायी सर्विस रोड पर केवल मुरूम और गिट्टी डाली गई, जो लगातार बारिश के कारण कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गई है।
सर्विस रोड पर भारी वाहन फंसने से रोज लंबा जाम लग रहा है। कई जगह बसों और ऑटो का संचालन भी प्रभावित हो रहा है, जिससे यात्रियों को पैदल सफर करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को हो रही है।
लोगों ने उठाए सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब बरसात शुरू हो चुकी थी, तब मुख्य सड़क की खुदाई करने की कोई जरूरत नहीं थी। उनका आरोप है कि बिना समुचित वैकल्पिक व्यवस्था किए निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नागरिकों ने मांग की है कि नगर पालिका और जिला प्रशासन निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करें, सर्विस रोड को तत्काल दुरुस्त कराया जाए और यातायात को सुचारु बनाने के लिए संबंधित ठेकेदार को आवश्यक निर्देश दिए जाएं।
प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्यों का उद्देश्य नागरिकों को सुविधा देना होता है, लेकिन यदि निर्माण कार्यों में लापरवाही बरती जाएगी तो विकास की जगह लोगों को केवल परेशानी मिलेगी। लोगों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर स्थिति सामान्य करने और निर्माण कार्य को समय-सीमा में पूरा कराने की मांग की है।



