CG BhaskarCG BhaskarCG Bhaskar
Font ResizerAa
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Font ResizerAa
CG BhaskarCG Bhaskar
Search
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Follow US
Home » Nano DAP : यूरिया व डीएपी की कमी से निपटने सरकार ने तैयार की ‘ब्लू प्रिंट’

Nano DAP : यूरिया व डीएपी की कमी से निपटने सरकार ने तैयार की ‘ब्लू प्रिंट’

By Newsdesk Admin
26/05/2026
Share
Nano DAP
Nano DAP

सीजी भास्कर, 26 मई : पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में गहराते तनाव और युद्ध की आशंकाओं के बीच छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने राज्य के अन्नदाताओं को खाद (Nano DAP) की किल्लत से बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। विदेशी आयात प्रभावित होने की आशंका को भांपते हुए कृषि विभाग ने एक बेहद आक्रामक और ठोस रणनीति (ब्लू प्रिंट) तैयार की है, ताकि खरीफ सीजन में किसानों की धान बुआई और उत्पादन पर आंच न आए।

Contents
  • 50 किलो की बोरी बनाम आधी बोतल
  • नैनो डीएपी छिड़काव का ‘थ्री-स्टेप फॉर्मूला’
  • केंद्र से मिला 15.55 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य
  • जमाखोरों और कालाबाजारियों पर टूटेगा उड़नदस्ता

कृषि मंत्री श्री नेताम ने किसानों से पारंपरिक रासायनिक खादों (Nano DAP) पर निर्भरता कम करने की अपील करते हुए तरल नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसे आधुनिक व वैज्ञानिक विकल्पों को युद्धस्तर पर अपनाने को कहा है। सरकार का दावा है कि इस तकनीक से न सिर्फ खेती की लागत घटेगी, बल्कि पैदावार भी बंपर होगी।

50 किलो की बोरी बनाम आधी बोतल

 

कृषि विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, पारंपरिक ठोस डीएपी (Nano DAP) के मुकाबले नैनो डीएपी का कॉम्बिनेशन किसानों की जेब का बोझ सीधे कम कर रहा है। पारंपरिक तरीके में एक एकड़ खेत में 50 किलोग्राम ठोस डीएपी डालने पर करीब 1350 रुपये खर्च होते हैं। जबकि आधुनिक तरीके में 25 किलोग्राम ठोस डीएपी के साथ 500 मिली लीटर नैनो डीएपी का संयुक्त उपयोग करने पर यह खर्च घटकर 1275 रुपये रह जाता है। यानी कम खर्च में फसलों को ज्यादा संतुलित पोषण मिलेगा और पर्यावरण की भी रक्षा होगी।

नैनो डीएपी छिड़काव का ‘थ्री-स्टेप फॉर्मूला’

किसानों को जागरूक करने के लिए विभाग ने इसके इस्तेमाल की सटीक वैज्ञानिक विधि जारी की है कि

पहला चरण (आधार खाद) : शुरुआत में बेस डोज़ के रूप में 25 किलो डीएपी, 75 किलो सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) या 38 किलो 12:32:16 मिश्रित उर्वरक खेत में डालें।

दूसरा चरण (बीज/पौध उपचार) : बुआई से ठीक पहले 150 मिली नैनो डीएपी को 3 लीटर पानी में मिलाकर बीज का उपचार करें। पौध रोपाई के लिए 250 मिली नैनो डीएपी को 50 लीटर पानी में घोलकर जड़ों को उपचारित करें।

तीसरा चरण (खड़ी फसल) : फसल रोपाई के करीब 30 दिन बाद 250 मिली नैनो डीएपी को 125 लीटर पानी में मिलाकर खड़ी फसल पर सीधा छिड़काव करें।

केंद्र से मिला 15.55 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य

मुख्यमंत्री श्विष्णु देव साय के दिल्ली स्तर पर किए गए कड़े प्रयासों की बदौलत केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए इस खरीफ सीजन हेतु 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का भारी-भरकम लक्ष्य मंजूर किया है। यह पिछले साल की कुल खपत से भी 93 हजार मीट्रिक टन अधिक है।

इस कोटे में 7.25 लाख टन यूरिया, 3 लाख टन डीएपी, 2.5 लाख टन एनपीके, 2 लाख टन एसएसपी और 80 हजार मीट्रिक टन एमओपी शामिल हैं। राहत की बात यह है कि वर्तमान में ही राज्य के गोदामों और सोसायटियों में 9.29 लाख मीट्रिक टन (कुल लक्ष्य का 60 प्रतिशत) खाद का बंपर स्टॉक पहले से ही जमा कर लिया गया है।

जमाखोरों और कालाबाजारियों पर टूटेगा उड़नदस्ता

 

इस पूरी वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने साफ कर दिया है कि राज्य स्तर से खाद वितरण की पल-पल की मॉनीटरिंग की जा रही है।

खाद की जमाखोरी, अवैध कालाबाजारी और कृत्रिम किल्लत पैदा करने वाले बिचौलियों पर नकेल कसने के लिए हर जिले में उड़नदस्ता दल (फ्लाइंग स्क्वाड) और विशेष निगरानी समितियों को एक्टिव कर दिया गया है। श्री परदेशी ने चेतावनी दी है कि किसानों के हक के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सीधे कड़ी कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सरकार दलहन, तिलहन और सुगंधित धान के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ‘प्राइस सपोर्ट स्कीम’ के तहत भी तेजी से काम कर रही है।

 

 

आईजी ने पांच ASI सहित 25 पुलिस कर्मियों का किया ट्रांसफर, देखिए सूची
Tehsildar Transfer : गरियाबंद में राजस्व व्यवस्था की नई बिसात, पांच तहसीलदारों की अदला-बदली
विधायक Rikesh के प्रस्ताव पर भिलाईयंस को मिली होली की बड़ी सौगात, Supela में बनेगा छत्तीसगढ़ का पहला “हार्स राइडिंग ट्रैक” वैशाली नगर में हर्ष की लहर, खेल प्रेमियों ने कहा – “Thanku विधायकजी”
Gariaband Land Record Error : भूमि रिकार्ड में गड़बड़ी, पटवारी पर लटकी कार्रवाई की तलवार
Hanging Solar Fencing : हाथियों की घुसपैठ रोकने वन विभाग का नया प्रयोग – ‘हैंगिंग सोलर फेंसिंग’ से 200 मीटर पहले ही मिलेगी चेतावनी
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram

ताजा खबरें

Leopard Rescue
Leopard Rescue : कुएं में गिरा तेंदुआ, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, वन विभाग ने संभाला मोर्चा

सीजी भास्कर, 12 जुलाई :  शिकार की तलाश…

Train Accident Bilaspur
Train Accident Bilaspur : स्टेशन यार्ड में मालगाड़ी बेपटरी, 3 घंटे की जद्दोजहद के बाद वापस पटरी पर आया वैगन

सीजी भास्कर, 12 जुलाई : जोनल स्टेशन के…

Bilaspur Murder Case
Bilaspur Murder Case : मछली चोरी की रंजिश में युवक की पीट-पीटकर हत्या, साथी जान बचाकर भागा

सीजी भास्कर, 12 जुलाई। मछली चोरी की पुरानी…

Forest Officer
Forest Officer : आधी रात बस रोकने का आरोप, वन अधिकारी के व्यवहार पर उठे गंभीर सवाल

रिपोर्टर- आशुतोष सिंह राजपूत सीजी भास्कर, 12 जुलाई।…

Monitor Lizard Trafficking
Monitor Lizard Trafficking  :  गोह के नाखूनों की तस्करी करने वाले पांच आरोपित गिरफ्तार 

सीजी भास्कर, 12 जुलाई :  जांजगीर-चांपा जिले में…

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्विक लिंक्स
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य

हमारे बारे में

मुख्य संपादक : डी. सोनी

संपर्क नंबर : +91 8839209556

ईमेल आईडी : cgbhaskar28@gmail.com

© Copyright CGbhaskar 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?