सीजी भास्कर, 09 जून : छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में धर्मांतरण (Narayanpur Conversion Controversy) के आरोपों को लेकर सोमवार रात तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई। भरंडा गांव में कथित धार्मिक गतिविधियों के विरोध में ग्रामीणों के एकत्र होने के बाद दो पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। घटना में महिला सहित कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा तथा इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
धर्मांतरण के आरोपों से भड़का विवाद
मिली जानकारी के अनुसार सोमवार शाम ‘प्रेस’ लिखी एक गाड़ी में कुछ लोग भरंडा गांव पहुंचे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में धार्मिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं और आदिवासी समुदाय के लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। इसकी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और विरोध जताने लगे। ग्रामीणों के विरोध के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हुई, जो कुछ ही देर में विवाद और फिर झड़प में बदल गई।
महिला सहित कई लोग घायल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद के दौरान जमकर धक्का-मुक्की और मारपीट हुई। इस घटना में महिला सहित दो से तीन लोगों के घायल होने की सूचना है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात को संभालने का प्रयास किया। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
सड़क पर बैठे ग्रामीण, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया और कथित धर्मांतरण गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
गांव में सुरक्षा बढ़ाई गई
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी देर रात तक मौके पर डटे रहे। गांव और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धर्मांतरण के आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद ही होगी स्पष्टता
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है तथा तथ्य सामने आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।



