सीजी भास्कर, 10 जून। प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 12 वर्ष पूरे करने के बाद नरेंद्र मोदी को देश और दुनिया से बधाइयों का सिलसिला (Narendra Modi) जारी है। इसी बीच पड़ोसी देश भूटान से आया एक संदेश खास चर्चा का विषय बन गया है। वहां के प्रधानमंत्री ने एक भावुक पत्र लिखकर न केवल शुभकामनाएं दीं, बल्कि दोनों नेताओं के रिश्ते को भी शब्दों में बयां किया।
राजनयिक गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच इस पत्र की चर्चा हो रही है। पत्र में व्यक्त किए गए भावों ने भारत और भूटान के बीच लंबे समय से चले आ रहे भरोसे और सहयोग को फिर सुर्खियों में ला दिया है। कई लोग इसे दोनों देशों के मजबूत संबंधों का प्रतीक मान रहे हैं।
पहली मुलाकात से बढ़ा भरोसे का रिश्ता : Narendra Modi
भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग टोबगे ने अपने संदेश में बताया कि उनकी नरेंद्र मोदी से पहली मुलाकात वर्ष 2014 में हुई थी। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच लगातार संवाद और सहयोग का दायरा बढ़ता गया।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज, युवाओं और लोगों के बेहतर भविष्य से जुड़े विषयों पर भी लगातार विचार विमर्श होता रहा है।
दोस्त, भाई और मार्गदर्शक बताया
अपने पत्र में टोबगे ने लिखा कि सच्ची मित्रता विश्वास, सम्मान और आपसी समझ पर टिकी होती है। उन्होंने कहा कि यही विशेषताएं उनके और नरेंद्र मोदी के संबंधों की पहचान हैं।
भूटान के प्रधानमंत्री ने उन्हें अपना दोस्त, भाई और मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि भारत और भूटान की साझेदारी भी इन्हीं मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने नरेंद्र मोदी को स्नेहपूर्वक बड़े भाई कहकर संबोधित किया और उनके सहयोग की सराहना की।
भारत को बताया सबसे भरोसेमंद साथी
टोबगे ने कहा कि भूटान के लोगों ने हमेशा भारत को अपना सबसे करीबी मित्र और भरोसेमंद साझेदार माना है। उनके अनुसार पिछले वर्षों में दोनों देशों के संबंध और अधिक मजबूत हुए हैं।
उन्होंने कहा कि शांति, विकास और लोगों के कल्याण जैसे साझा उद्देश्यों को लेकर दोनों देश लगातार साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं। भूटान के विकास से जुड़े कई प्रयासों में भारत का सहयोग महत्वपूर्ण रहा है।
नेतृत्व और विकास मॉडल की सराहना
भूटान के प्रधानमंत्री ने भारत की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि किसी भी विषय पर गहराई से ध्यान देना और परिणाम हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करना प्रेरणादायक है।
उन्होंने यह भी कहा कि स्पष्ट लक्ष्य और मजबूत संकल्प के साथ किया गया नेतृत्व बड़े बदलाव ला सकता है। उनके मुताबिक भारत ने बीते वर्षों में आर्थिक मजबूती, तकनीकी नवाचार, आधारभूत ढांचे के विकास और वैश्विक प्रभाव के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
लगातार 12 वर्ष पूरे कर बनाया रिकॉर्ड
नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार के प्रमुख के रूप में लगातार 12 वर्ष पूरे कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इसके साथ ही वह देश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं।
बुधवार को उन्होंने अपने कार्यकाल के 4399 दिन पूरे किए। इससे पहले देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लंबे समय तक पद पर रहे थे। वहीं इंदिरा गांधी का कुल कार्यकाल अधिक रहा, लेकिन वह दो अलग अलग चरणों में प्रधानमंत्री बनी थीं।



