सीजी भास्कर, 04 जुलाई। अयोध्या में चढ़ावे से जुड़े विवाद के बीच अब बदरीनाथ धाम में भी दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। (Badrinath Temple Donation Row)
मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए एक जांच समिति का गठन किया गया है। आरोपों से जुड़े कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हेमंत द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित उस दावे का भी खंडन किया, जिसमें एक कर्मचारी को उनका निजी सचिव बताया जा रहा था। उन्होंने कहा कि संबंधित व्यक्ति उनका निजी सचिव नहीं, बल्कि मंदिर समिति का नियमित कर्मचारी है।
मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि 2 जुलाई से वायरल हो रहे आरोपों (Badrinath Temple Donation Row) की शिकायत मिलने के बाद बदरीनाथ मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। हालांकि फुटेज पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, फिर भी मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि एक आंतरिक जांच टीम गठित की जा रही है, जो सीसीटीवी फुटेज, उपलब्ध दस्तावेजों और संबंधित कर्मचारियों के बयानों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
समिति ने कहा है कि यदि जांच में वित्तीय अनियमितता या चढ़ावे में किसी प्रकार की गड़बड़ी (Badrinath Temple Donation Row) की पुष्टि होती है, तो श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम, 1939 और कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं और आम लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं का प्रसार न करें तथा आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार करें।



