सीजी भास्कर, 05 जून। नीट पेपर लीक मामले में एक बार फिर अदालत में तीखी बहस देखने (NEET Paper Leak) को मिली। मामले की आरोपी मनीषा वाघमारे ने स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का हवाला देते हुए जमानत की मांग की, जबकि जांच एजेंसी ने इसका कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
इस बहुचर्चित मामले में अब सबकी निगाहें अदालत के अगले आदेश पर टिकी हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि उसके पास ऐसे साक्ष्य मौजूद हैं जो आरोपी की भूमिका की ओर इशारा करते हैं, जबकि बचाव पक्ष सभी आरोपों को खारिज कर रहा है।
जमानत पर फैसला 9 जून को : NEET Paper Leak
नीट पेपर लीक मामले में आरोपी मनीषा वाघमारे की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में 9 जून को आदेश सुनाया जाएगा।
बचाव पक्ष ने बताई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी
सुनवाई के दौरान मनीषा वाघमारे के वकील ने कहा कि वह एक प्रमाणित शिक्षा परामर्शदाता हैं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं। उन्होंने अदालत को बताया कि आरोपी को चक्कर आने की बीमारी है और हाल ही में जेल अस्पताल में भी भर्ती कराना पड़ा था।
खातों में संदिग्ध लेनदेन से किया इनकार
बचाव पक्ष ने दावा किया कि जांच एजेंसी को तलाशी के दौरान कोई नकदी नहीं मिली। साथ ही जिन पैसों का उल्लेख किया जा रहा है, वे पारिवारिक संपत्ति से जुड़े वैध लेनदेन का हिस्सा हैं।
अदालत ने मेडिकल आधार पर टिप्पणी की
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी मामलों को जमानत से सीधे जोड़कर नहीं देखा जा सकता। यदि किसी विशेष चिकित्सा सुविधा की जरूरत (NEET Paper Leak) है तो उसके लिए अलग आवेदन दिया जा सकता है।
सीबीआई ने जमानत का किया विरोध
जांच एजेंसी ने अदालत में कहा कि आरोपी केवल शिक्षा परामर्श का कार्य ही नहीं करती थीं, बल्कि अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से भी जुड़ी थीं। एजेंसी का आरोप है कि पेपर से जुड़े प्रश्न कुछ लोगों तक पहुंचाने में उनकी भूमिका रही है।
छात्रों के बयानों का दावा
सीबीआई ने अदालत को बताया कि उसके पास ऐसे छात्रों के बयान मौजूद हैं जिन्होंने कथित तौर पर पैसे देने की बात कही है। एजेंसी का कहना है कि इन बयानों की जांच और सत्यापन प्रक्रिया जारी है।
अदालत करेगी साक्ष्यों की समीक्षा
सुनवाई के दौरान अदालत ने संकेत दिया कि वह जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत छात्रों के बयानों और अन्य दस्तावेजों का विस्तार से परीक्षण (NEET Paper Leak) करेगी। इसके बाद ही जमानत याचिका पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।




