सीजी भास्कर, 06 जून। दिल्ली में शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन चर्चा का केंद्र (NEET Protest) बन गया। लंबे इंतजार और कानूनी अड़चनों की आशंकाओं के बीच आखिरकार संगठन को जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति मिल गई। इसके बाद समर्थकों में उत्साह बढ़ गया और राजधानी के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई।
प्रदर्शन को लेकर सुबह से ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज रहीं। आयोजकों का दावा है कि यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर किया जा रहा है, जबकि प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।
दिल्ली पुलिस ने दी अनुमति : NEET Protest
कॉकरोच जनता पार्टी को जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति मिल गई है। इससे पहले संगठन ने अपने समर्थकों से संसद मार्ग थाना पहुंचकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति की मांग के समर्थन में जुटने की अपील की थी। इसी बीच प्रदर्शन के खिलाफ दायर याचिका पर अदालत ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसके बाद आंदोलन के रास्ते में कोई बड़ी कानूनी बाधा नहीं रही।
अभिजीत दिपके करेंगे नेतृत्व
आंदोलन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके कर रहे हैं। वे अमेरिका के बोस्टन से नई दिल्ली पहुंचे हैं और प्रदर्शन में शामिल होने वाले समर्थकों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने लोगों से किताब और तिरंगा लेकर जंतर मंतर पहुंचने की अपील की है। साथ ही आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण बनाए रखने का संदेश भी दिया है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी का यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर केंद्रित (NEET Protest) है। संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इसी मांग को लेकर जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है।
राजधानी में बढ़ाई गई सुरक्षा
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संसद मार्ग थाना क्षेत्र समेत कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों के अनुसार हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि कानून व्यवस्था प्रभावित न हो।
हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
नई दिल्ली क्षेत्र में एक हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस ने अपने जवानों को प्रदर्शनकारियों के साथ संयम बनाए रखने और संवाद के जरिए स्थिति संभालने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मध्य दिल्ली को 12 जोन में विभाजित किया गया है और प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है।
सोनम वांगचुक के शामिल होने की चर्चा
शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता Sonam Wangchuk ने पहले कहा था कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई (NEET Protest) नहीं होती है तो वह भी इस आंदोलन में शामिल हो सकते हैं। इसी वजह से इस प्रदर्शन पर देशभर की नजर बनी हुई है और आगे की गतिविधियों को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।



