सीजी भास्कर, 22 जून। प्रदेश के कई शहरों में लंबे समय से विकास कार्यों की धीमी रफ्तार को लेकर सवाल (New SOR) उठते रहे हैं। सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं में देरी के पीछे लागत और निविदाओं से जुड़ी समस्याओं को भी एक बड़ा कारण माना जा रहा था। अब सरकार के एक नए फैसले से इन परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
नगरीय निकायों में कार्यरत अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के बीच भी इस निर्णय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद विकास कार्यों के प्राक्कलन और लागत निर्धारण की प्रक्रिया वर्तमान बाजार परिस्थितियों के अनुसार की जा सकेगी, जिससे कई लंबित योजनाएं आगे बढ़ सकती हैं।
प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज करने के लिए राज्य सरकार ने लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी नवीन दर अनुसूची को नगरीय निकायों में भी लागू कर दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए सभी नगर निगम आयुक्तों और मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
नई बाजार दरों पर बनेंगे प्राक्कलन : New SOR
इस फैसले के बाद सड़क, भवन, विद्युत और अन्य आधारभूत संरचना से जुड़े विकास कार्यों के प्राक्कलन नई बाजार दरों के आधार पर तैयार किए जाएंगे। इससे परियोजनाओं की वास्तविक लागत का आकलन अधिक सटीक तरीके से किया जा सकेगा।
जीएसटी से अलग रखी गई नई दरें
वर्ष 2020 में लागू दर अनुसूची में जीएसटी को शामिल किया गया था। जबकि 10 अप्रैल 2026 से प्रभावी नई व्यवस्था में दरों को जीएसटी से अलग रखा गया है। इससे लागत निर्धारण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होने और बिलिंग से जुड़े विवादों में कमी आने की संभावना जताई जा रही है।
ठेकेदारों की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद
बताया जा रहा है कि पुरानी दरों और वर्तमान बाजार भाव के बीच बड़ा अंतर होने के कारण कई निर्माण एजेंसियां निविदाओं में रुचि नहीं दिखा रही थीं। इसका असर विकास कार्यों पर पड़ रहा था। नई दरें लागू होने से वास्तविक लागत के अनुरूप भुगतान की संभावना बढ़ेगी, जिससे प्रतिस्पर्धा और भागीदारी दोनों बढ़ सकती हैं।
इन कार्यों को मिलेगा फायदा
संशोधित दरों के लागू होने से पाइपलाइन विस्तार, स्ट्रीट लाइट स्थापना, ड्रेनेज व्यवस्था, सीसी रोड निर्माण और अन्य शहरी विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का मानना है कि इससे बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकेंगी।
किन क्षेत्रों को किया गया शामिल
इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल कार्य
बिजली फिटिंग और मशीनी कार्यों की दरों को बाजार भाव के अनुरूप संशोधित (New SOR) किया गया है। इन दरों को 10 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जाएगा।
भवन निर्माण कार्य
भवन निर्माण से जुड़ी दरों में संशोधन कर वर्ष 2015 के आधार दरों को अपडेट किया गया है। नई दरों को भवन कार्य दर अनुसूची 2026 के रूप में मंजूरी दी गई है।
सड़क निर्माण कार्य
सड़क निर्माण से संबंधित नई दरें भी 20 अप्रैल 2026 से प्रभावी कर दी गई हैं। इससे नगरीय क्षेत्रों में सड़क विकास परियोजनाओं को नई गति मिलने की संभावना है।





