सीजी भास्कर, 08 अगस्त। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मुक्तिधाम में पालतू कुत्ते के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हो गया। तोरवा थाना क्षेत्र के कुदुदंड में रहने वाले एक परिवार के पालतू डॉग की मौत के बाद परिवार उसे अंतिम विदाई देने के लिए तोरवा मुक्तिधाम पहुंचा। परिवार का कहना है कि डॉग उनके लिए परिवार के सदस्य जैसा था, इसलिए उन्होंने हिंदू रीति-रिवाज से उसका दाह संस्कार किया। (Dog Cremation Controversy)
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स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने जताई आपत्ति : Dog Cremation Controversy
मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि मुक्तिधाम इंसानों के अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित स्थल है, इसलिए यहां किसी पशु का दाह संस्कार नहीं किया जाना चाहिए। वार्ड नंबर 41 के पार्षद मोती गंगवानी भी मौके पर पहुंचे और मामले को लेकर पुलिस में लिखित शिकायत दी।

मुक्तिधाम के केयरटेकर पर पैसे लेकर अनुमति देने का आरोप
स्थानीय लोगों ने मुक्तिधाम के केयरटेकर पर 2 हजार रुपए लेकर कुत्ते के दाह संस्कार की अनुमति देने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि इसके लिए नगर निगम से अनुमति नहीं ली गई थी। लोगों ने मामले में कार्रवाई की मांग की है।
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हिंदू रीति-रिवाज से दी अंतिम विदाई : Dog Cremation Controversy
वहीं, कुत्ते की मालकिन ने कहा कि उनका पालतू परिवार के सदस्य की तरह था और उसकी मौत से पूरा परिवार दुखी था। उन्होंने सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने के लिए उसका दाह संस्कार किया। उनका कहना है कि किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना उनका उद्देश्य नहीं था।
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पुलिस ने कहा- फिलहाल कार्रवाई की जरूरत नहीं
एडिशनल एसपी सिटी पंकज पटेल ने बताया कि परिवार अपने पालतू कुत्ते से भावनात्मक रूप से जुड़ा था और उसकी मौत के बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम ले गया था। स्थानीय लोगों और संगठनों ने विरोध किया, लेकिन फिलहाल मामला पुलिस के हस्तक्षेप का नहीं है। इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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