सीजी भास्कर, 14 जुलाई : बिलासपुर जिले में करीब 510 करोड़ रुपये की लागत से बन रही रतनपुर-पेंड्रा राष्ट्रीय राजमार्ग-45 परियोजना पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है। निर्माणाधीन सड़क पर कई स्थानों पर लंबी-लंबी दरारें पड़ गई हैं, जबकि कई हिस्सों में सड़क धंसने और किनारे टूटने की स्थिति सामने आई है। निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही सड़क की हालत को लेकर लोगों ने गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
- कई जगह उखड़ी सड़क, लोगों ने जताई नाराजगी
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- जबलपुर-अमरकंटक को जोड़ने वाला अहम मार्ग
- मानकों के पालन पर उठे सवाल
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- पहले भी दिए गए थे गुणवत्ता सुधार के निर्देश
- तीन चरणों में चल रहा निर्माण कार्य
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- अधिकारी बोले- मौके पर करेंगे निरीक्षण
कई जगह उखड़ी सड़क, लोगों ने जताई नाराजगी
बिलासपुर जिले के रतनपुर से गौरेला-पेंड्रा-मरवाही तक बन रही इस सड़क (NH-45 Road Crack) को लेकर स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई। उनका कहना है कि मजबूत आधार तैयार किए बिना मिट्टी के ऊपर डामर की परत बिछा दी गई, जिसके कारण पहली ही बारिश में सड़क में दरारें पड़ने लगीं। कई जगह दरारें इतनी चौड़ी हैं कि उनमें पैर तक धंस रहा है।
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जबलपुर-अमरकंटक को जोड़ने वाला अहम मार्ग
यह 97 किलोमीटर लंबा मार्ग रतनपुर, बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को जबलपुर और अमरकंटक से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग है। सड़क की मौजूदा स्थिति से स्थानीय लोगों और राहगीरों में हादसे की आशंका बढ़ गई है। लोगों ने पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
मानकों के पालन पर उठे सवाल
जानकारों के अनुसार सड़क निर्माण में भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तय मानकों के अनुसार मजबूत नींव, उचित कम्पेक्शन और गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग अनिवार्य होता है। इन मानकों की अनदेखी होने पर बारिश के दौरान सड़क धंसने और डामर में दरारें आने की आशंका बढ़ जाती है।
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पहले भी दिए गए थे गुणवत्ता सुधार के निर्देश
17 जून 2026 को लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश बंसल ने निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण कर अधिकारियों और ठेकेदार को सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए थे। इससे पहले उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव भी परियोजना का निरीक्षण कर चुके हैं।
तीन चरणों में चल रहा निर्माण कार्य
परियोजना का निर्माण तीन चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में रतनपुर से केंदा, दूसरे चरण में कारीआम से केंवची तक काम जारी है, जबकि तीसरे चरण में घाटी और पहाड़ी क्षेत्र का निर्माण प्रस्तावित है, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
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अधिकारी बोले- मौके पर करेंगे निरीक्षण
कार्यपालन अभियंता आर.के. खांबरा ने कहा कि सड़क पर दरारों और धंसाव की शिकायत मिलने के बाद वे स्वयं मौके का निरीक्षण करेंगे। यदि जांच में निर्माण संबंधी खामियां (NH-45 Road Crack) पाई जाती हैं तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



