सीजी भास्कर, 04 सितम्बर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों की हड़ताल 18वें दिन भी जारी है। इसी बीच सरकार ने सख्ती दिखाते हुए 25 कर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इसमें प्रदेश NHM संगठन के संरक्षक हेमंत सिन्हा और महासचिव कौशलेश तिवारी भी शामिल हैं।
उधर, कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो प्रदेशभर के 16 हजार संविदा कर्मचारी सामूहिक इस्तीफा देंगे।कर्मचारियों का आरोप: बातचीत का रास्ता बंद
NHM संघ का कहना है कि शासन-प्रशासन दबाव बनाकर आंदोलन को तोड़ना चाहता है। बातचीत का कोई दरवाज़ा नहीं खोला गया, इसलिए प्रदर्शन जारी रखना ही एकमात्र विकल्प है।
कर्मचारियों ने अब तक खून से पत्र लिखकर, मुखौटे पहनकर डांस और पैरोडी गानों के जरिए विरोध दर्ज कराया है।18 अगस्त से ठप हैं स्वास्थ्य सेवाएं
प्रदेशभर में संविदा कर्मचारी 18 अगस्त से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। सरकार ने इन मांगों में से 5 मानने का भरोसा दिलाया था, लेकिन बातचीत विफल रही।
इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने सभी हड़ताली कर्मियों को 24 घंटे के भीतर ड्यूटी जॉइन करने का आदेश दिया था। आदेश का पालन न करने पर बर्खास्तगी की चेतावनी दी गई थी।आदेश की प्रतियां जलाईं, प्रदर्शन तेज
मंगलवार को हड़ताली कर्मचारी स्वास्थ्य संचालनालय पहुंचे और विभाग के आदेश की प्रतियां जलाईं। उनका कहना है कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होंगी, प्रदर्शन इसी तरह चलता रहेगा।
जिलों से सूची मंगाई गई
स्वास्थ्य विभाग ने सभी CMHO से हड़ताली कर्मचारियों की सूची तलब की है ताकि नियम के अनुसार कार्रवाई की जा सके।गानों और नृत्य से किया विरोध
धमतरी में कर्मचारियों ने छत्तीसगढ़ी गाने "मोर पथरा के देवता मानत नई हे वो" पर डांस कर अपनी नाराज़गी जताई। वहीं, 'क्या हुआ तेरा वादा' और 'तड़पाओगे तड़पा लो' जैसे गीतों पर पैरोडी प्रस्तुतियां भी दी गईं। विरोध प्रदर्शन के वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।




