CG BhaskarCG BhaskarCG Bhaskar
Font ResizerAa
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Font ResizerAa
CG BhaskarCG Bhaskar
Search
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Follow US
Home » अब लायसेंसी नहीं विदेशी मदिरा क्रय करने की जिम्मेदारी “छत्तीसगढ़ बेवरेज कार्पोरेशन” को 🟧 CM विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय 🟦 पांचों प्राधिकरणों की कमान सम्हालेंगे मुख्यमंत्री, स्थानीय विधायक होंगे उपाध्यक्ष

अब लायसेंसी नहीं विदेशी मदिरा क्रय करने की जिम्मेदारी “छत्तीसगढ़ बेवरेज कार्पोरेशन” को 🟧 CM विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय 🟦 पांचों प्राधिकरणों की कमान सम्हालेंगे मुख्यमंत्री, स्थानीय विधायक होंगे उपाध्यक्ष

By Newsdesk Admin
19/06/2024
Share

सीजी भास्कर, 19 जून। बस्तर, सरगुजा, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरणों के पुनर्गठन का निर्णय आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सम्पन्न कैबिनेट बैठक में लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य पांचों प्राधिकरणों की कार्य प्रणाली को प्रभावी एवं सशक्त बनाने के साथ ही उन क्षेत्रों में जनसुविधा के कामों को गति प्रदान करना है। इन पांचों प्राधिकरणों की कमान अब सीधे मुख्यमंत्री के जिम्मे होगी। स्थानीय विधायकों में से एक विधायक को इसका उपाध्यक्ष मनोनीत किया जाएगा। क्षेत्रीय विधायक इन प्राधिकरणों के सदस्य होंगे। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अथवा सचिव इन पांचों प्राधिकरणों के सदस्य सचिव होंगे।

गौरतलब है कि वर्ष 2004-05 में बस्तर, सरगुजा एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का गठन तत्कालीन सरकार द्वारा किया गया था। तत्पश्चात् वर्ष 2012 में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन किया गया। इन प्राधिकरणों के अध्यक्ष मुख्यमंत्री हुआ करते थे। प्राधिकरणों के गठन के पश्चात् अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों, अनुसूचित जाति बाहुल्य ग्रामों, मजरा-टोला, पारा-मोहल्लों, वार्डों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी आवश्यकताओं के अनेक महत्वपूर्ण कार्य कराए गए थे।वर्ष 2019 में तत्कालीन सरकार द्वारा इन प्राधिकरणों के कार्य संचालन की प्रक्रिया में अमूल-चूल परिवर्तन कर दिया गया, जिसके चलते प्राधिकरणों का न सिर्फ महत्व कम हो गया, बल्कि इनके कार्याें में पारदर्शिता मॉनिटरिंग का अभाव होने के साथ ही शासन स्तर पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं रहा। उक्त स्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए कैबिनेट ने पांचों प्राधिकरणों के पुनर्गठन एवं निधि नियम के प्रस्ताव का अनुमोदन किया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान 23 फरवरी, 2024 को पारित अशासकीय संकल्प के तहत प्रदेश के जितने भी मैदानी क्षेत्र हैं, उन क्षेत्रों में भी जहाँ अनुसूचित जनजातियों की 25 प्रतिशत से अधिक बहुलता है, उन क्षेत्रों के गांवों एवं ब्लाकों को मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के क्षेत्रों में शामिल किया गया है। प्राधिकरण अपना कार्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त कर, मतैक्य से मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप करेंगे। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में प्राधिकरण सामाजिक, आर्थिक एवं सर्वागीण विकास पर अपना ध्यान केन्द्रित करेगा। प्राधिकरण को सशक्त, पारदर्शी एवं प्रभावशाली बनाया जाएगा।

आपको बता दें कि वर्तमान में प्राधिकरण के माध्यम से होने वाले विकास कार्यों के लिए बस्तर, सरगुजा, मध्य क्षेत्र, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के लिए 50-50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है तथा ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के लिए 80 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। कैबिनेट द्वारा उच्च शिक्षा विभाग में अतिथि व्याख्याता नीति-2024 का भी अनुमोदन किया गया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत चना वितरण हेतु निर्गम मूल्य (Issue Price) पर चना क्रय करने के संबंध में कैबिनेट द्वारा निर्णय लिया गया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्र एवं मॉडा क्षेत्र में अन्त्योदय एवं प्राथमिकता वाले परिवारों को चना वितरण हेतु भारत सरकार द्वारा निर्धारित निर्गम मूल्य तथा नागरिक आपूर्ति निगम को प्राप्त रॉ चना की मिलिंग एवं परिवहन दर को जोड़कर प्राप्त कुल दर पर चना खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री के स्वेच्छानुदान मद से 14 हजार 369 व्यक्तियों एवं संस्थाओं को 19 करोड़ 37 लाख 93 हजार रूपए की स्वीकृत राशि का कार्योत्तर अनुमोदन मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदान किया गया।

विशेष बात यह है कि आज कैबिनेट द्वारा विदेशी मदिरा के थोक विक्रय एवं भंडारण हेतु वर्तमान में प्रचलित एफएल 10 ए बी अनुज्ञप्ति की व्यवस्था को समाप्त करते हुए सीधे विनिर्माता इकाईयों से विदेशी मदिरा का थोक क्रय किए जाने का अनुमोदन किया गया। यहां उल्लेखनीय है कि विदेशी मदिरा का क्रय इससे पहले लायसेंसियों द्वारा किया जाता था। सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त करने के साथ ही विदेशी मदिरा क्रय करने की जिम्मेदारी अब छत्तीसगढ़ बेवरेज कार्पोरेशन को दे दी है।

ताजिया जुलूस के बाद हिंसा : मोतिहारी में अजय यादव की हत्या, दो घायल, गांव में तनाव
भिलाई में नगर निगम मद के दुरूपयोग का मामला गरमाया, लेखाधिकारी जितेन्द्र ठाकुर का हुआ तबादला, फिलहाल चंद्रभूषण को अतिरिक्त प्रभार, MLA रिकेश ने लिखा था पत्र
Baghpat News: सोशल मीडिया पर हुआ युवक से प्यार, मिलने पहुंची तो निकला 8 बच्चों का बाप और फिर…
रईसजादों की स्टंटबाजी और रफ़्तार पर लगाम, 52 लग्जरी वाहनों पर सख्त एक्शन
Korba BJP Office Bhoomipujan : कोरबा में अटल स्मृति भवन की नींव, सीएम साय ने संगठन को बताया दिशा देने वाला केंद्र
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram

ताजा खबरें

CG Cabinet Meeting 2026 : तबादला नीति समेत कई अहम फैसले

सीजी भास्कर, 25 मई। छत्तीसगढ़ में चल रहे…

Bilaspur husband murder case : पत्नी ने बॉयफ्रेंड संग रची पति की हत्या की साजिश

सीजी भास्कर, 25 मई। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में…

Alleged audio of BJP MLA goes viral : ‘भूपेश फिर CM बनेंगे’, रेणुका सिंह ने बताया AI जनरेटेड

सीजी भास्कर, 25 मई। छत्तीसगढ़ में साय मंत्रिमंडल…

Demand to put CM’s photo on liquor shops : नेता प्रतिपक्ष बोले- राजस्व देने वालों को भी मिले पहचान

सीजी भास्कर, 25 मई। कोरबा में सुशासन तिहार…

First friendship then alcohol and blackmail : हनीट्रैप में फंसाकर वसूली करने वाली 2 महिलाएं गिरफ्तार

सीजी भास्कर, 25 मई। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले…

You Might Also Like

छत्तीसगढ़ट्रेंडिंग

Heavy Rain Alert in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में यलो अलर्ट, कई जिलों में भारी बारिश की आशंका

09/09/2025
Dhanbad Railway Corruption Case
छत्तीसगढ़

Dhanbad Railway Corruption Case : 24 लाख के बिल पर अटकी फाइल, ₹50 हजार की रिश्वत लेते दबोचा गया रेल इंजीनियर, धनबाद मंडल में मचा हड़कंप

07/03/2026
छत्तीसगढ़ट्रेंडिंगदेश-दुनिया

हथियार जो थे माओवादियों की ताकत, अब बन रहे सबूत-बस्तर में लाल नेटवर्क की कमर टूटने लगी

21/04/2026
CGRERA Decision
छत्तीसगढ़

CGRERA Decision : 10 साल बाद भी नहीं मिला फ्लैट, रजत बिल्डर को रेरा ने दिए 57.97 लाख लौटाने के निर्देश

24/06/2025
छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्विक लिंक्स
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य

हमारे बारे में

मुख्य संपादक : डी. सोनी

संपर्क नंबर : +91 8839209556

ईमेल आईडी : cgbhaskar28@gmail.com

© Copyright CGbhaskar 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?