शहीद नाविक आदित्य शर्मा के परिवार को अंतरराष्ट्रीय मुआवजा, दोषियों पर कार्रवाई और भारतीय नाविकों की सुरक्षा की मांग
- शहीद नाविक आदित्य शर्मा के परिवार को अंतरराष्ट्रीय मुआवजा, दोषियों पर कार्रवाई और भारतीय नाविकों की सुरक्षा की मांग
- केंद्र सरकार से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हस्तक्षेप की मांग
- पीड़ित परिवार को मिले सम्मानजनक मुआवजा
- पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक घर पहुंचाने की अपील
- समुद्री क्षेत्रों में ‘सेफ मैरीटाइम कॉरिडोर’ की मांग
- विधायक से केंद्र तक आवाज पहुंचाने का अनुरोध
- प्रमुख बिंदु
सीजी भास्कर, 15 जून। ओमान तट के समीप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) क्षेत्र में हुए मिसाइल हमले में भारतीय नाविक आदित्य शर्मा सहित तीन भारतीय क्रू सदस्यों की मौत के बाद छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित हिमाचली एवं डोगरा समाज में गहरा आक्रोश और शोक व्याप्त है। इस संबंध में हिमाचल डोगरा कल्चरल एसोसिएशन, भिलाई ने वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन को ज्ञापन सौंपकर भारत सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाने का आग्रह किया है।
समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि 9 जून 2026 को वाणिज्यिक तेल टैंकर एमटी सेटेबेलो (MT Settebello) पर हुए कथित मिसाइल हमले में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर निवासी 23 वर्षीय डेक कैडेट आदित्य शर्मा की मौत बेहद दुखद और चिंताजनक घटना है। उन्होंने इसे निर्दोष नागरिकों और वाणिज्यिक समुद्री कर्मियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर अंतरराष्ट्रीय मामला बताया।

केंद्र सरकार से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हस्तक्षेप की मांग
ज्ञापन में मांग की गई है कि भारत सरकार इस मामले को संयुक्त राष्ट्र (UN) और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) जैसे वैश्विक मंचों पर मजबूती से उठाए। साथ ही घटना की निष्पक्ष जांच कराते हुए दोषी पक्षों की जवाबदेही तय की जाए।

समाज का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर कार्यरत भारतीय नाविक लगातार जोखिम का सामना कर रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार को भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस और दीर्घकालिक रणनीति बनानी चाहिए।

पीड़ित परिवार को मिले सम्मानजनक मुआवजा
हिमाचल डोगरा कल्चरल एसोसिएशन ने मांग की है कि भारत सरकार राजनयिक स्तर पर हस्तक्षेप करते हुए मृतक नाविक आदित्य शर्मा के परिवार को शीघ्र अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहायता, बीमा क्लेम और उचित मुआवजा दिलाने की पहल करे।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि परिवार ने अपना युवा बेटा खोया है, इसलिए उन्हें न्याय और आर्थिक सुरक्षा दोनों मिलनी चाहिए।
पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक घर पहुंचाने की अपील
ज्ञापन में विदेश मंत्रालय और ओमान प्रशासन से समन्वय स्थापित कर आदित्य शर्मा के पार्थिव शरीर को उनके गृह जिला हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश) तक सम्मानपूर्वक और शीघ्र पहुंचाने की मांग भी की गई है।
समाज का मानना है कि शोकाकुल परिवार को किसी भी प्रशासनिक देरी का सामना नहीं करना पड़ना चाहिए।
समुद्री क्षेत्रों में ‘सेफ मैरीटाइम कॉरिडोर’ की मांग
ज्ञापन का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु भारतीय नाविकों की सुरक्षा से जुड़ा है। संगठन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि खाड़ी क्षेत्र, लाल सागर और अन्य संवेदनशील समुद्री मार्गों में कार्यरत भारतीय जहाजों और नाविकों के लिए सुरक्षित समुद्री गलियारा (Safe Maritime Corridor) विकसित किया जाए।
इसके अलावा भारतीय नौसेना की निगरानी और समन्वय बढ़ाकर समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया है।
विधायक से केंद्र तक आवाज पहुंचाने का अनुरोध
हिमाचल डोगरा कल्चरल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन (MLA Rikesh Sen) क्षेत्र की जनभावनाओं को समझते हुए इस विषय को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएंगे। संगठन ने कहा कि यह केवल एक परिवार का नहीं बल्कि देशभर के हजारों भारतीय नाविकों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है।
प्रमुख बिंदु
ओमान तट के पास मिसाइल हमले में भारतीय नाविक आदित्य शर्मा की मौत।हिमाचल डोगरा कल्चरल एसोसिएशन ने विधायक को सौंपा ज्ञापन।अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मामला उठाने की मांग।पीड़ित परिवार को मुआवजा और बीमा राशि दिलाने की अपील।पार्थिव शरीर को शीघ्र गृहग्राम पहुंचाने की मांग।भारतीय नाविकों के लिए सेफ मैरीटाइम कॉरिडोर बनाने पर जोर।विदेश मंत्रालय और जहाजरानी मंत्रालय से हस्तक्षेप की अपेक्षा।





