सीजी भास्कर, 05 जून : बस्तर मुख्यालय जगदलपुर के छत्रपति शिवाजी वार्ड स्थित करीब 100 साल पुराने पंडरीतराई तालाब (Pandritarai Talab Renovation ) की तस्वीर अब पूरी तरह बदलने जा रही है। वर्षों से उपेक्षा का शिकार रहे इस ऐतिहासिक तालाब के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। लगभग 78.71 लाख रुपये की लागत से किए जा रहे इस विकास कार्य के बाद तालाब न केवल अधिक गहरा और सुरक्षित होगा, बल्कि यह क्षेत्र के लोगों के लिए आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में भी विकसित होगा।
नगर निगम द्वारा संचालित इस परियोजना में तालाब के गहरीकरण, सौंदर्यीकरण और नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लंबे समय से गाद जमने के कारण तालाब की गहराई घटकर महज 3 से 4 फीट रह गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 7 से 8 फीट तक किया जा रहा है। इससे जल संग्रहण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और वर्षभर पानी का संरक्षण संभव हो सकेगा।
सुरक्षा और सौंदर्यीकरण पर विशेष फोकस
तालाब के चारों ओर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बाउंड्री वॉल का निर्माण किया जाएगा। साथ ही RCC कास्टिंग का कार्य भी किया जा रहा है, जिससे तालाब की संरचना अधिक मजबूत और टिकाऊ बन सके। नागरिकों के लिए तालाब के तीन तरफ आकर्षक पाथवे विकसित किए जाएंगे, जहां लोग सुबह-शाम टहल सकेंगे और प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकेंगे।
घाट, शौचालय और शेड की सुविधा
परियोजना के तहत दो नए घाटों का निर्माण भी किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को पूजा-पाठ, धार्मिक गतिविधियों और जल ग्रहण में सुविधा मिलेगी। इसके अलावा शौचालय और शेड का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे यहां आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
स्थानीय समिति करेगी देखरेख
तालाब के संरक्षण और नियमित रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय नागरिकों की एक समिति गठित करने की योजना बनाई जा रही है। यह समिति तालाब की स्वच्छता, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएगी। इससे भविष्य में तालाब की स्थिति बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
आस्था और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र
नगर निगम के महापौर संजय पांडेय ने निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए कहा कि पंडरीतराई तालाब वर्षों से क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां लंबे समय से धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि तालाब के विकास से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय नागरिकों को एक स्वच्छ, सुरक्षित और सुंदर सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होगा।
एक एकड़ से बढ़कर दो एकड़ में फैला तालाब
महापौर ने बताया कि यह क्षेत्र पहले ग्रामीण परिवेश का हिस्सा रहा है। समय के साथ तालाब का विस्तार भी हुआ है। पहले लगभग एक एकड़ क्षेत्र में फैला यह तालाब अब करीब दो एकड़ क्षेत्र तक विस्तारित हो चुका है। इसके विकास से पूरे इलाके की सुंदरता बढ़ेगी और यह शहर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो सकता है।
जल संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि तालाब के गहरीकरण से वर्षा जल संचयन क्षमता बढ़ेगी। इससे भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। शहरों में तेजी से घटते जल स्रोतों के बीच यह परियोजना जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




