सीजी भास्कर, 30 जून : राजधानी रायपुर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS Scam in Raipur ) से जुड़ी एक बड़ी अनियमितता सामने आई है। खाद्य विभाग की विशेष जांच में शहर की 10 राशन दुकानों से एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का सरकारी चावल और शक्कर गायब पाए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई गई है कि गरीबों के हक के इस सरकारी राशन को खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेचा गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर की अनुशंसा पर संबंधित दोषी दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे पहले भी जून माह में ही चार अन्य राशन दुकानों के संचालकों के खिलाफ इसी तरह की कड़ी कार्रवाई की जा चुकी है।
नोटिस के बाद भी नहीं जमा की राशि, इन इलाकों में मिली गड़बड़ी
खाद्य विभाग के अनुसार, लगातार मिल रही शिकायतों और ऑनलाइन स्टॉक मिलान के दौरान कई दुकानों में भारी मात्रा में चावल की कमी पाई गई थी। इसके बाद अधिकारियों ने संबंधित दुकानदारों को कई बार नोटिस जारी कर गायब चावल का हिसाब देने या उसकी राशि सरकारी खजाने में जमा करने के निर्देश दिए थे। निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी जब दुकानदारों ने आदेश का पालन नहीं किया, तो विभाग ने कानूनी कार्रवाई का फैसला लिया। जांच के दौरान रायपुर शहर सहित सेरीखेड़ी, कोसमखुटा और गनौद की कई दुकानों में 175 क्विंटल से लेकर 1250 क्विंटल तक चावल की भारी कमी दर्ज की गई है।
गोदाम से राशन निकले बिना ही दिखा दिया वितरण
विभागीय जांच में धोखाधड़ी का एक और बड़ा तरीका सामने आया है। कुछ मामलों में नागरिक आपूर्ति निगम के गोदाम से राशन की भौतिक आपूर्ति (सप्लाई) दुकान तक हुई ही नहीं थी, लेकिन ऑनलाइन रिकॉर्ड में उसे प्राप्त और वितरित दिखा दिया गया। बाद में कागजों पर बांटे गए इसी राशन को खुले बाजार में खपाने की आशंका व्यक्त की गई है। खाद्य विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि पूरे सिंडिकेट और मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। इस घपले में शामिल और भी दोषियों तथा अन्य राशन दुकानदारों का पता लगाया जा रहा है, जिन पर आने वाले दिनों में सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



