सीजी भास्कर, 27 जनवरी। धान उपार्जन व्यवस्था की निगरानी के दौरान सामने आई गंभीर अनियमितताओं पर कलेक्टर श्री बीएस उइके ने कड़ा रुख अपनाया है। कर्तव्य में घोर लापरवाही बरतने के मामले में तीन नोडल अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Pdy Pocurement Iregularities) दिया गया है। यह कार्रवाई धान उपार्जन केंद्रों में भौतिक सत्यापन के नाम पर कागजी औपचारिकता निभाए जाने के आरोपों के बाद की गई है।
जांच में पाया गया कि विकासखंड छुरा स्थित धान उपार्जन केंद्र सांकरा के निरीक्षण हेतु नियुक्त नोडल अधिकारी श्री राजकुमार साहू ने 57 किसानों के आवेदनों का बिना मौके पर गए कार्यालय में बैठकर ही सत्यापन कर दिया और समिति के फोटोग्राफ्स अपलोड कर दिए। इससे आवेदनों में गलत प्रविष्टियां दर्ज हो गईं, जिसे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही माना।
इसी प्रकार सांकरा उपार्जन केंद्र से जुड़े एक अन्य मामले में नोडल अधिकारी श्री रेखराम साहू द्वारा 129 किसानों के आवेदनों का वास्तविक भौतिक जांच किए बिना सत्यापन (Pdy Pocurement Iregularities) गया। जांच रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट हुआ कि किसानों से संबंधित विवरणों की पुष्टि किए बिना ही दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर दिए गए।
वहीं विकासखंड फिंगेश्वर के पोखरा धान उपार्जन केंद्र में निरीक्षण के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी श्री उज्जवल शर्मा पर भी इसी तरह की लापरवाही सामने आई। जांच में पाया गया कि उन्होंने 74 किसानों के आवेदनों का कार्यालय में बैठकर सत्यापन किया और मौके से संबंधित फोटोग्राफ्स की जगह समिति के सामान्य चित्र अपलोड कर दिए।
कलेक्टर ने तीनों मामलों को दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के अंतर्गत निलंबन की कार्रवाई (Pdy Pocurement Iregularities) । निलंबन अवधि के दौरान संबंधित अधिकारियों के मुख्यालय अलग-अलग कार्यालयों में निर्धारित किए गए हैं और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि धान उपार्जन से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता और किसानों के हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई को भविष्य के लिए सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि सरकारी दायित्वों में लापरवाही पर सीधी और कठोर कार्रवाई तय है।


