सीजी भास्कर, 17 मई। छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर राजनीतिक माहौल अचानक (Petrol Price) तेज हो गया है। शहरों से लेकर गांव तक लोग ईंधन के बढ़ते खर्च को लेकर चर्चा करते दिखाई दे रहे हैं। इसी बीच राजनीतिक दलों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। बाजार और परिवहन से जुड़े लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों का असर आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है।
राजधानी में भी इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी तेज रही। विपक्षी नेताओं ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए तो वहीं समर्थकों की ओर से भी जवाबी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। राजनीतिक गलियारों में अब यह मुद्दा आने वाले दिनों में और ज्यादा गरमाने की संभावना जताई जा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को घेरा : Petrol Price
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दाम को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात के लिए सरकार खुद जिम्मेदार है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दूसरों को नियम और सलाह देने वाले खुद अलग तरीके से काम कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री विदेश यात्राओं को लेकर बयान देते हैं, लेकिन खुद लगातार विदेश दौरे पर रहते हैं। साथ ही सवाल उठाया कि मौजूदा संकट को लेकर सरकार की ओर से अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।
ईंधन कीमतों पर बढ़ रही चिंता
राज्य समेत देश के कई हिस्सों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है। परिवहन और रोजमर्रा के खर्च पर इसका असर महसूस किया जा रहा है। विपक्ष लगातार इसे जनता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।
सुशासन तिहार को लेकर भी साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रहे सुशासन तिहार को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री पहुंच रहे हैं, लेकिन आम लोगों से सीधा संवाद दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक व्यवस्था नियंत्रण में नहीं है और सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियों के बीच भी नाराजगी का माहौल है।
आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है बहस
ईंधन की कीमतों को लेकर शुरू हुई बयानबाजी अब राजनीतिक बहस का रूप लेती दिखाई दे रही है। माना जा रहा है कि विपक्ष इस मुद्दे को आगे भी लगातार उठाता रहेगा और सरकार से जवाब मांगता रहेगा।



