सीजी भास्कर, 20 सितंबर। निलंबित राज्य सेवा अधिकारी सौम्या चौरसिया की संपत्तियों पर कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। आर्थिक अपराध अन्वेषण विंग (Asset Attachment) ने विशेष न्यायालय में आवेदन देकर उनकी 16 चल-अचल संपत्तियों को अटैच करने की अनुमति मांगी है। ईओडब्ल्यू का आरोप है कि सौम्या ने पद का दुरुपयोग कर अवैध वसूली और कमीशनखोरी से यह संपत्तियां खरीदीं।
ईओडब्ल्यू का कहना है कि (Asset Attachment) के दायरे में आने वाली ये संपत्तियां सौम्या के स्वजनों और अन्य लोगों के नाम पर खरीदी गई हैं। जांच एजेंसी ने बताया कि कुल 45 संपत्तियां खरीदी गई थीं, जिनमें से कई भिलाई-दुर्ग में स्थित हैं। प्रवर्तन निदेशालय पहले ही 29 संपत्तियों को जब्त कर चुका है, अब शेष 16 संपत्तियों को भी अटैच करने का अनुरोध किया गया है।
बचाव पक्ष का तर्क
सौम्या की ओर से पेश बचाव पक्ष ने ईओडब्ल्यू के दावे का विरोध किया। उनका कहना है कि (Asset Attachment) से जोड़ी गई संपत्तियां दरअसल उनके स्वजनों द्वारा खरीदी गई हैं और इसके दस्तावेजी सबूत मौजूद हैं। बचाव पक्ष का यह भी कहना है कि जांच एजेंसियां केवल संदेह के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं।
अगली सुनवाई 22 सितंबर को
विशेष न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बचाव पक्ष को 22 सितंबर को अपना पक्ष रखने का समय दिया है। माना जा रहा है कि यदि अदालत ईओडब्ल्यू के पक्ष में फैसला देती है तो (Asset Attachment) की प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी। सौम्या चौरसिया को कोयला घोटाला मामले में पहले ही गिरफ्तार किया गया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिली और पिछले महीने रायपुर जेल से रिहाई के बाद वे प्रदेश से बाहर रह रही हैं। ईओडब्ल्यू का मानना है कि (Asset Attachment) के जरिए जो संपत्तियां जब्त की जानी हैं, वे अवैध कमाई से अर्जित की गई हैं।



