सीजी भास्कर, 24 मई : सुदूर वनांचल क्षेत्र में स्थित ग्राम कटेमा अब अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ चुका है। वर्षों तक लालटेन और ढिबरी के सहारे जीवन बिताने वाले इस गांव में पहली बार बिजली पहुंची है। ‘पीएम-जगुआ योजना’ (PM Jagua Yojana) के तहत गांव के 27 परिवारों के घर अब रोशनी से जगमगा उठे हैं। जैसे ही गांव में पहली बार बल्ब जले, ग्रामीणों की खुशी देखते ही बन रही थी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर चेहरे पर उत्साह और संतोष दिखाई दिया।
खैरागढ़ जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के संयुक्त प्रयासों से यह ऐतिहासिक उपलब्धि संभव हो सकी है। लंबे समय से मुख्यधारा से कटे इस वनांचल गांव तक बिजली पहुंचाना आसान नहीं था। दुर्गम जंगलों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच विद्युत विभाग की टीम ने लगातार मेहनत कर गांव को मुख्य विद्युत ग्रिड से जोड़ा। इस परियोजना (PM Jagua Yojana) के तहत करीब 12 किलोमीटर लंबी 11 केवी विद्युत लाइन और लगभग 1 किलोमीटर लंबी निम्नदाब लाइन का विस्तार किया गया। ग्रामीणों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 63 केवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर भी स्थापित किया गया है।
यह कार्य कलेक्टर इंद्रजीत चन्द्रवाल और छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर के मार्गदर्शन में पूरा किया गया। अधिकारियों ने वनांचल क्षेत्र की चुनौतियों के बावजूद समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा कर गांव तक बिजली पहुंचाने में सफलता हासिल की। तकनीकी टीम ने लगातार फील्ड में रहकर काम किया और कठिन रास्तों के बीच भी परियोजना को धरातल पर उतारा।

कटेमा गांव में बिजली पहुंचने से अब ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अब बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा और रात के समय पढ़ाई करना आसान होगा। ग्रामीणों को मोबाइल चार्जिंग, पंखा, लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार आएगा, क्योंकि रात के समय मरीजों को अब पहले जैसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके गांव में भी बिजली पहुंचेगी। कई पीढ़ियां अंधेरे में जीवन बिताने के बाद अब गांव रोशनी से जगमगा उठा है। गांव के लोगों ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग की पूरी टीम के प्रति आभार जताते हुए इसे विकास की नई शुरुआत बताया है।
वनांचल क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने की यह पहल केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार की इस योजना से अब दूरस्थ इलाकों में भी शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद बढ़ गई है।



