सीजी भास्कर, 23 जून : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi on Bastar Development) ने नक्सलवाद के खिलाफ देश की लड़ाई को विकास, सुशासन और जनविश्वास की विजय बताते हुए कहा है कि सरकार ने नक्सलवाद और माओवाद को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लिया था, जिसके सकारात्मक परिणाम आज देश के सामने हैं। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय, हिंसा और अविश्वास का माहौल था, वहां आज विकास, अवसर और आत्मविश्वास का नया दौर शुरू हो चुका है।
भय और हिंसा से विकास की ओर बढ़ा बस्तर
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोग लगातार भय के साये में जीवन जीने को मजबूर थे। सड़क निर्माण, संचार सुविधाओं के विस्तार और विकास परियोजनाओं को हिंसक विरोध का सामना करना पड़ता था। निर्माण सामग्री जलाने, ठेकेदारों को धमकाने और विकास कार्यों को रोकने की घटनाएं आम थीं। उन्होंने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद सरकार ने विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और दूरस्थ क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का काम जारी रखा।
सड़क, मोबाइल नेटवर्क और बैंकिंग सेवाओं का विस्तार
प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi on Bastar Development) ने बताया कि बीते वर्षों में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हजारों किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया, हजारों मोबाइल टावर स्थापित किए गए और दूर-दराज के गांवों तक संचार सुविधाएं पहुंचाई गईं। इसके साथ ही बैंकिंग सेवाओं, डाक सेवाओं और वित्तीय समावेशन योजनाओं के माध्यम से लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल आधारभूत संरचना का विस्तार नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में विश्वास और अवसरों का विस्तार भी है।
सुरक्षा के साथ विकास की रणनीति रही सफल
प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई केवल सुरक्षा बलों के भरोसे नहीं लड़ी गई, बल्कि लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर भी समान रूप से ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि गरीबों को उनके अधिकार दिलाने और लोकतांत्रिक व्यवस्था में भरोसा बढ़ाने के प्रयासों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन की नींव रखी।
बस्तर ओलंपिक बना बदलाव का प्रतीक
प्रधानमंत्री ने बस्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां कभी हिंसा और आतंक का वातावरण था, वहां आज युवाओं की प्रतिभा खेल और शिक्षा के माध्यम से सामने आ रही है। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों में लाखों युवाओं की भागीदारी इस बदलाव का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अब क्षेत्र के युवा हिंसा का रास्ता छोड़कर शिक्षा, खेल, रोजगार और विकास के अवसरों को अपना रहे हैं।
मुख्यमंत्री बोले- बदल चुकी है बस्तर की पहचान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नेशन फर्स्ट’ संकल्प, दूरदर्शी नेतृत्व और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस ने बस्तर सहित पूरे नक्सल प्रभावित क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है।
उन्होंने कहा कि जहां कभी नक्सलवाद का आतंक था, वहां आज विकास, जनभागीदारी, पर्यटन, खेल और रोजगार की नई संभावनाएं दिखाई दे रही हैं। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच ने लोगों के जीवन में अभूतपूर्व बदलाव लाया है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सुशासन और विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा तथा बस्तर देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।





