सीजी भास्कर, 05 मई : पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि राज्य के कई हिस्से हिंसा की आग में झुलसने लगे हैं। चुनाव नतीजों के बाद भड़की इस हिंसा (Post Poll Violence Bengal) ने पूरे प्रदेश में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। सत्ता गंवाने के बाद टीएमसी ने भाजपा पर गुंडागर्दी और पार्टी दफ्तरों को निशाना बनाने का सीधा आरोप लगाया है। टॉलीगंज से लेकर आसनसोल तक, कई जगहों पर आगजनी और सिर फोड़ने जैसी खौफनाक घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद केंद्रीय बलों को मोर्चा संभालना पड़ा है।
टीएमसी दफ्तरों पर ‘भगवा ब्रिगेड’ का धावा
नतीजे आने के 24 घंटे के भीतर ही बंगाल के अलग-अलग जिलों से तोड़फोड़ की खबरें आने लगीं। टीएमसी का दावा है कि भाजपा समर्थकों ने मुर्शिदाबाद, आसनसोल और कमरहाटी में उनके कार्यालयों को आग के हवाले कर दिया है। इस चुनावी हिंसा (Post Poll Violence Bengal) को लेकर टीएमसी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करते हुए कहा कि भाजपा ने सत्ता मिलते ही अपना असली रंग दिखा दिया है। टॉलीगंज में पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास के दफ्तर में भी बेकाबू भीड़ ने जमकर उत्पात मचाया और होर्डिंग्स को लात मारते हुए अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।

कैंसर पीड़ित अध्यक्ष का फोड़ा सिर
हिंसा की सबसे दुखद खबर मानिकतला से आई, जहां टीएमसी का आरोप है कि भाजपा समर्थित उपद्रवियों ने वार्ड अध्यक्ष पर हमला किया। पीड़ित कैंसर का मरीज बताया जा रहा है, जिसका सिर बेरहमी से फोड़ दिया गया। वहीं, आसनसोल में स्थिति और भी ज्यादा बिगड़ गई। यहां एक भाजपा कार्यकर्ता पर हुए हमले के विरोध में उतरे समर्थकों ने टीएमसी दफ्तर में घुसकर तोड़फोड़ की और बाद में उसे आग के हवाले कर दिया। इस भीषण हिंसा (Post Poll Violence Bengal) के बाद जमुड़िया और रानीगंज इलाकों में भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी जेल
राजधानी कोलकाता में बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कोलकाता पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर कई पुराने और दूसरे राज्यों के वीडियो बंगाल के बताकर वायरल किए जा रहे हैं। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी असत्यापित पोस्ट पर भरोसा न करें। शांति भंग करने की कोशिश करने वालों और फर्जी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फिलहाल कोलकाता में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन ग्रामीण बंगाल में अब भी गुस्सा और तनाव चरम पर है।


