सीजी भास्कर, 15 दिसंबर। बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद जनसुराज संस्थापक प्रशांत किशोर (Prashant-Priyanka Meeting) कुछ समय के लिए राजनीतिक गतिविधियों से दूरी बनाए हुए थे, लेकिन अब वे फिर से चर्चा में लौट आए हैं। सूत्रों के अनुसार, उनकी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच एक सीक्रेट मीटिंग हुई। बताया गया कि यह बैठक दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में लगभग दो घंटे तक चली। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे उत्तर भारतीय राज्यों की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर विचार-विमर्श किया।
कांग्रेस को पुनर्जीवित करने का प्रस्ताव
दोनों पक्षों ने बैठक (Prashant-Priyanka Meeting) को शिष्टाचार भेंट बताया है ताकि राजनीतिक अटकलों को रोक जा सके। हालांकि, यह मीटिंग राजनीतिक दृष्टि से दिलचस्प मानी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में प्रशांत किशोर और कांग्रेस के बीच संबंध कुछ तनावपूर्ण रहे हैं। साल 2021 में जदयू से अलग होने के बाद, उन्होंने कांग्रेस को पुनर्जीवित करने का प्रस्ताव रखा था। यह बातचीत 2022 में पार्टी आलाकमान के साथ शुरू हुई थी। अप्रैल 2022 में उन्होंने सोनिया गांधी के 10 जनपथ निवास पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत शीर्ष नेताओं के सामने एक प्रेजेंटेशन भी दिया था।
प्रशांत किशोर ने प्रस्ताव को अस्वीकार किया
तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Prashant-Priyanka Meeting) ने इस प्रस्ताव पर विचार करने के लिए एक समिति का गठन किया। कुछ दिनों बाद कांग्रेस ने ‘एम्पावर्ड एक्शन ग्रुप’ बनाया और इसमें शामिल होने के लिए प्रशांत किशोर को न्योता दिया। लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया, क्योंकि वे केवल सदस्य बनकर शामिल नहीं होना चाहते थे और अधिक अधिकार तथा स्वतंत्रता की मांग कर रहे थे।
बता दें कि प्रशांत किशोर के प्रेजेंटेशन में जी-23 समूह के सदस्य भी शामिल थे। इस समूह ने किसी बाहरी व्यक्ति के हस्तक्षेप में बदलाव का विरोध किया और प्रशांत किशोर पर पूरा भरोसा नहीं जताया।
कांग्रेस में शामिल होने का न्योता
कांग्रेस ने बयान में कहा, “प्रशांत किशोर (Prashant-Priyanka Meeting) का पीपीटी प्रेजेंटेशन देखने और उनके साथ चर्चा के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने 2024 लोकसभा चुनावों के लिए एक एम्पावर्ड एक्शन ग्रुप गठित किया और उन्हें जिम्मेदारी के साथ पार्टी में शामिल होने का आमंत्रण दिया। उन्होंने मना कर दिया। हम उनके प्रयासों और सुझावों की सराहना करते हैं।”
प्रशांत किशोर ने बयान जारी करते हुए कहा, “मैंने कांग्रेस के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। मेरे विचार में पार्टी को मुझसे ज्यादा नेतृत्व और सामूहिक इच्छाशक्ति की जरूरत है ताकि संरचनात्मक समस्याओं को परिवर्तनकारी सुधारों के जरिए ठीक किया जा सके।”




