सीजी भास्कर, 20 जून : यदि आपके बच्चे ने कम उम्र में कोई ऐसा कार्य किया है, जिसने समाज को प्रेरित किया हो, विज्ञान में नवाचार किया हो, खेल, कला, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण या वीरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की हो, तो उसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान पाने का सुनहरा अवसर है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 (Prime Minister Rashtriya Bal Puraskar 2026) के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रदेश के प्रतिभाशाली बच्चों, अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों से अधिक से अधिक आवेदन करने की अपील की है।
यह पुरस्कार देश का सबसे प्रतिष्ठित बाल सम्मान माना जाता है, जो उन बच्चों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने कम उम्र में असाधारण उपलब्धियां हासिल कर समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया हो। चयनित बच्चों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाता है तथा उन्हें भारत के राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार प्राप्त करने का गौरव मिलता है।
इन क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चे कर सकते हैं आवेदन
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के तहत वीरता, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, खेल, कला एवं संस्कृति तथा नवाचार जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बच्चों का चयन किया जाता है। ऐसे बच्चे जिन्होंने अपनी प्रतिभा और मेहनत से अलग पहचान बनाई है, वे इस पुरस्कार के लिए पात्र हैं।
5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को मिलेगा अवसर
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार 5 वर्ष से 18 वर्ष तक के बच्चे इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए आवेदन कर सकते हैं। विशेष बात यह है कि बच्चे स्वयं भी आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा अभिभावक, स्कूल, शिक्षण संस्थान, सामाजिक संगठन और अन्य व्यक्ति भी योग्य बच्चों का नामांकन कर सकते हैं।
31 जुलाई तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। सभी नामांकन ऑनलाइन माध्यम से राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर स्वीकार किए जाएंगे। राज्य शासन ने प्रदेश के प्रतिभाशाली, नवाचारी और प्रेरणादायी बच्चों से समय रहते आवेदन करने का आग्रह किया है, ताकि उनकी उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच मिल सके।
बच्चों की प्रतिभा को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान
विभाग का मानना है कि यह पुरस्कार केवल सम्मान नहीं, बल्कि बच्चों की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक बनते हैं। कई पूर्व पुरस्कार विजेता आज विभिन्न क्षेत्रों में देश का नाम रोशन कर रहे हैं।





