सीजी भास्कर, 10 जून : शिक्षा के मंदिर में वित्तीय हेराफेरी और पद का दुरुपयोग करने वाले एक प्रभारी प्राचार्य (Principal Suspended) पर गाज गिरी है। राजनांदगांव के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) प्रवास कुमार सिंह बघेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डोंगरगांव विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला मोहड़ के तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य दौलत राम आंचले (मूल पद व्याख्याता) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
आरोपी प्राचार्य पर स्कूल के विभिन्न सरकारी फंड (मदों) से नियम विरुद्ध तरीके से लाखों रुपये गायब करने का गंभीर आरोप है। विभागीय ऑडिट (अंकेक्षण) रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता (Principal Suspended) की पुष्टि होने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है।
मद प्रभारियों को कानों-कान नहीं हुई खबर
जांच में जो सच सामने आया है, वह बेहद चौंकाने वाला है। तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य (Principal Suspended) दौलत राम आंचले ने स्कूल के विभिन्न विभागों और योजनाओं के मद प्रभारियों (Fund In-charges) को बिना कोई भनक लगे और उनकी जानकारी के बिना ही अलग-अलग खातों से कुल 5 लाख 44 हजार 500 रुपये की भारी-भरकम राशि का आहरण (निकासी) कर लिया था। इस हेराफेरी की शिकायत मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक दो-सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया था।
जांच रिपोर्ट में खुली पोल
दो सदस्यीय जांच टीम ने जब स्कूल के दस्तावेजों और बैंक खातों की पड़ताल की, तो प्रभारी प्राचार्य की पूरी जालसाजी बेनकाब हो गई। जांच प्रतिवेदन के मुताबिक, आंचले ने इतनी बड़ी रकम निकालने से पहले न तो किसी ‘क्रय समिति’ (Purchase Committee) की बैठक बुलाई, न ही कोई प्रस्ताव तैयार किया और न ही किसी वरिष्ठ स्तर से इसका अनुमोदन (Approval) लिया। सरकारी नियमों को ताक पर रखकर किया गया यह कृत्य सीधे तौर पर एक बड़ा वित्तीय अपराध और घोर अनुशासनहीनता की श्रेणी में पाया गया।
अब खानी पड़ेगी जेल की हवा
जांच अधिकारी की कड़ी अनुशंसा और प्रस्ताव के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले में चौतरफा कार्रवाई शुरू कर दी है। केवल सस्पेंशन ही नहीं, बल्कि इस आर्थिक अपराध के लिए अब पूर्व प्राचार्य को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। डीईओ ने डोंगरगांव के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि वे तत्काल संबंधित पुलिस थाने में आरोपी दौलत राम आंचले के खिलाफ एफआईआर (प्राथमिकी) दर्ज कराएं और इसकी रिपोर्ट जिला कार्यालय को सौंपें।
विभागीय जांच के लिए रायपुर भेजा गया प्रस्ताव
दौलत राम आंचले को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के साथ ही उनके खिलाफ एक बड़ी ‘विभागीय जांच’ (Departmental Enquiry) शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय (इन्द्रावती भवन, अटल नगर, नवा रायपुर) को आधिकारिक पत्र और विस्तृत प्रस्ताव प्रेषित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से राजनांदगांव जिले के भ्रष्ट और लापरवाह अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।



