सीजी भास्कर , 18 अप्रैल
आरटीई के तहत फीस बढ़ोतरी की मांग को लेकर प्रदेश के निजी स्कूलों का असहयोग आंदोलन तेज हो गया है। इसी क्रम में शनिवार को राज्यभर के निजी स्कूल बंद रखे गए। इससे पहले शिक्षकों और स्टाफ ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया था।
फीस न बढ़ने से बढ़ा आर्थिक दबाव
निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि पिछले 14 वर्षों से आरटीई के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। वर्तमान दरों के अनुसार प्राथमिक कक्षाओं के लिए 7 हजार और उच्च प्राथमिक के लिए 11,400 रुपए प्रति छात्र दिए जाते हैं, जबकि संचालन लागत लगातार बढ़ रही है।
सरकार से कई बार की गई मांग
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर कई बार शासन का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण स्कूल संचालकों में नाराजगी बढ़ी है और आंदोलन को तेज करने का फैसला लिया गया है।
चेतावनी और आगे की रणनीति
एसोसिएशन ने संकेत दिए हैं कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं होतीं तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर आरटीई के तहत चयनित छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। दूसरी ओर, सरकार ने भी निर्देश दिए हैं कि आरटीई प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जा सकती है।


