सीजी भास्कर, 12 सितंबर। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के बीच हुई गरमा-गरम बहस का वीडियो सामने आते ही सियासत में हलचल मच गई है। मामला रायबरेली की जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक का है, जिसकी अध्यक्षता राहुल गांधी(Priyanka Gandhi Controversy) कर रहे थे।
बैठक में मंत्री दिनेश प्रताप राहुल गांधी के बगल में बैठे थे। राहुल ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि यदि किसी को बोलना है तो अनुमति लेकर बोले। इस पर मंत्री भड़क गए और तीखी जुबानी जंग छिड़ गई। दिनेश प्रताप ने पलटकर कहा- “राहुल अध्यक्ष हैं तो क्या हुआ, उनकी हर बात मानना जरूरी नहीं है, वे तो खुद अध्यक्ष की भी नहीं सुनते।”
अधिकारियों के सामने भिड़े नेता
बैठक में मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने जब दोनों को आमने-सामने बहस करते देखा तो माहौल चौंकाने(Priyanka Gandhi Controversy) वाला हो गया। अमेठी सांसद केएल शर्मा ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन बहस लगातार तेज होती रही।
प्रियंका गांधी पर विवादित टिप्पणी
तकरार यहीं नहीं थमी। मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने प्रियंका गांधी वाड्रा को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि राहुल और प्रियंका “अपनी दादी और पिता की लाश पर वोट मांगते हैं”। यहीं नहीं रुके, उन्होंने प्रियंका की तुलना शूर्पणखा से करते हुए उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां का अपमान करने का भी आरोप लगाया।
पहले भी कर चुके हैं विरोध
यह पहला मौका नहीं है जब दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी पर हमला बोला(Priyanka Gandhi Controversy) हो। कुछ दिन पहले उन्होंने रायबरेली दौरे के दौरान हरचंदपुर में बीजेपी कार्यकर्ताओं संग धरना दिया था और राहुल से प्रधानमंत्री मोदी की मां पर की गई टिप्पणी को लेकर माफी मांगने की मांग की थी।




