सीजी भास्कर 23अप्रैल
दुर्ग जिले में एक ही पते पर कई केमिकल फैक्ट्रियों के संचालन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भिलाई नगर के विधायक द्वारा विधानसभा में मुद्दा उठाने के बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अब उन्होंने आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो को पत्र लिखकर पूरे मामले में अब तक हुई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी मांगी है। इस मुद्दे को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
जांच में सामने आईं अनियमितताएं
विधानसभा में दिए गए जवाब में बताया गया कि पर्यावरण संरक्षण मंडल ने 24 फरवरी 2025 को चार सदस्यीय जांच समिति बनाई थी। इस समिति ने जिले के 16 कोलतार प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योगों की जांच की, जिसमें 8 उद्योग पर्यावरण नियमों का पालन नहीं करते पाए गए। हालांकि इन पर क्या कार्रवाई की गई, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
जानकारी छिपाने के आरोप और नई शिकायतें
24 जून 2025 को मिली एक शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ उद्योगों ने जानकारी छिपाकर पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त की। इसके बावजूद इस मामले में कोई जांच समिति नहीं बनाई गई। वहीं एक अन्य शिकायत के आधार पर 7 जुलाई 2025 को संबंधित विभागों को पत्र भेजा गया था, लेकिन कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
EOW में मामला दर्ज, रिपोर्ट अब तक लंबित
पूरा मामला अब EOW तक पहुंच चुका है, जहां शिकायत क्रमांक 02/2025 दर्ज है। इसके बावजूद जांच रिपोर्ट अभी तक लंबित बताई जा रही है। विधायक ने अपने पत्र में विधानसभा में दिए गए जवाब को विरोधाभासी बताते हुए पूछा है कि यदि शिकायत नहीं मिली, तो जांच समिति क्यों बनाई गई और नियम उल्लंघन कैसे सामने आया। साथ ही उन्होंने संबंधित उद्योगों के खिलाफ की गई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा भी मांगा है।


