सीजी भास्कर, 1 जनवरी। रेलवे में सरकारी नौकरी (Quota Officer in Railway) की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर है। अब रेलवे की भर्तियों और प्रमोशन प्रक्रिया में आरक्षण के नाम पर होने वाली लापरवाही, तकनीकी त्रुटियों और सीटों की बर्बादी पर पूरी तरह से लगाम लगने जा रही है।
रेलवे बोर्ड ने सभी जोन को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि प्रत्येक विभाग और यूनिट में आरक्षण सेल के लिए अनिवार्य रूप से ‘कोटा आफिसर’ (Quota Officer) की तैनाती की जाएगी।
दरअसल, रेलवे में आरक्षण सेल (Reservation Cell) के गठन और उसकी निगरानी से जुड़ा नियम पहले से मौजूद है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा था। कई विभागों में यह व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित थी और जिम्मेदार अधिकारी की स्पष्ट तैनाती नहीं होने के कारण आरक्षित वर्गों को समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसका सीधा नुकसान उन युवाओं को उठाना पड़ता था, जो रेलवे में नौकरी या पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे थे।
निगरानी के अभाव में एससी-एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, दिव्यांग और भूतपूर्व सैनिकों के लिए निर्धारित कोटे की सीटें कई बार खाली रह जाती थीं या उनके आवंटन में तकनीकी त्रुटियां हो जाती थीं।
अब रेलवे बोर्ड ने साफ कर दिया है कि केवल आरक्षण सेल बनाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि हर विभाग में एक स्पेशल आफिसर यानी लाइजन आफिसर की तैनाती अनिवार्य होगी, जो आरक्षण से जुड़े प्रत्येक मामले की सीधी जिम्मेदारी संभालेगा।
यह तैनात अधिकारी यह सुनिश्चित करेगा कि भर्ती और प्रमोशन प्रक्रिया में आरक्षण नियमों (Railway Reservation Rules) का पूरी तरह पालन हो और किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो।
खासकर पदोन्नति के मामलों में अक्सर आरक्षण से जुड़े नियमों के पेच फंसने के कारण फाइलें लंबित हो जाती थीं, जिससे कर्मचारियों की पदोन्नति वर्षों तक अटकी रहती थी। अब कोटा आफिसर (Quota Officer) प्रमोशन से संबंधित फाइलों को नियमों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से निस्तारित करेंगे।
इस नई व्यवस्था (Quota Officer in Railway) की सबसे बड़ी ताकत जवाबदेही है। अब किसी भी स्तर पर आरक्षण से जुड़ी चूक होने पर सीधे संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जा सकेगी। इससे रेलवे में भर्ती पारदर्शिता (Railway Recruitment Transparency) और प्रशासनिक जवाबदेही दोनों मजबूत होंगी।
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे में यह व्यवस्था लागू कर दी गई है और अन्य जोनों में भी इसे चरणबद्ध तरीके से प्रभावी किया जाएगा। इससे रेलवे में नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं को भविष्य में आरक्षण का वास्तविक और समय पर लाभ मिल सकेगा।


