सीजी भास्कर, 14 जनवरी। अयोध्या में 23 जनवरी 2025 को होने वाली संसदीय समिति की अहम बैठक से पहले कांग्रेस (Rahul Gandhi Ayodhya Visit) सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दौरे को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। बैठक की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि राहुल गांधी अयोध्या पहुंचने पर प्रभु रामलला के दर्शन भी कर सकते हैं। हालांकि, कांग्रेस पार्टी और प्रशासनिक स्तर पर इसे लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं की गई है।
संसदीय दायित्व के तहत अयोध्या आगमन
पार्टी सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी (Rahul Gandhi Ayodhya Visit) संसदीय समिति के सदस्य के रूप में अयोध्या पहुंचेंगे। कांग्रेस का स्पष्ट रुख है कि समिति की बैठक में भाग लेना एक संवैधानिक जिम्मेदारी है। रामलला के दर्शन को लेकर पार्टी ने कहा है कि यह पूरी तरह से राहुल गांधी का निजी धार्मिक निर्णय होगा, जिसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।
यूपी कांग्रेस प्रमुख का बयान
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इस मुद्दे पर स्थिति साफ करते हुए कहा कि राहुल गांधी के रामलला दर्शन को लेकर कोई पूर्व निर्धारित कार्यक्रम नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रशासन संसदीय समिति की बैठक को लेकर तैयारियों में जुटा है, लेकिन मंदिर दर्शन से जुड़ी कोई सूचना पार्टी को नहीं मिली है।
कांग्रेस सांसद के बयान से बढ़ी चर्चा
इससे पहले कांग्रेस सांसद तरुण पूनिया ने बयान दिया था कि राहुल गांधी अयोध्या जाएंगे और रामलला का आशीर्वाद भी लेंगे, लेकिन ऐसा तभी होगा जब मंदिर निर्माण पूरी तरह पूर्ण हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर के कार्य पूर्ण होने की आधिकारिक घोषणा शंकराचार्य करेंगे, इसके बाद ही दर्शन का निर्णय लिया जाएगा।
प्रशासन अलर्ट मोड में
23 जनवरी को प्रस्तावित संसदीय समिति की बैठक को देखते हुए अयोध्या प्रशासन अलर्ट मोड पर है। समिति के सदस्यों की सुरक्षा, आवागमन और बैठक से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वहीं, शासन स्तर पर भी राहुल गांधी के मंदिर दर्शन को लेकर कोई विशेष प्रोटोकॉल तय नहीं किया गया है।
कुल मिलाकर, राहुल गांधी (Rahul Gandhi Ayodhya Visit) के अयोध्या दौरे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जरूर तेज हुई है, लेकिन फिलहाल उनका मंदिर दर्शन करना आधिकारिक रूप से तय नहीं माना जा सकता।




