सीजी भास्कर, 30 जून। रायगढ़ जिले के कापू वन परिक्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार देर रात जंगल से निकले दो हाथी (Raigarh Elephant Terror) के बीच अलोला गांव की बस्ती में घुस आए और छह ग्रामीणों के कच्चे मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के समय सभी ग्रामीण अपने घरों में सो रहे थे। हाथियों के गांव में पहुंचते ही अफरा-तफरी मच गई, लेकिन समय रहते ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
अलोला और टेड़ासेमर गांव में मचाया उत्पात
वन विभाग के अनुसार कापू वन परिक्षेत्र में इन दिनों करीब 19 हाथियों का दल अलग-अलग क्षेत्रों में विचरण कर रहा है। इनमें से दो हाथी पिछले एक सप्ताह से अलोला गांव के आसपास डेरा डाले हुए हैं और रात के समय भोजन की तलाश में बस्ती की ओर पहुंच रहे हैं।
शनिवार रात हाथियों ने अलोला गांव में रामकुमार, लक्ष्मण सिंह, सत्य सिंह और तिलक सिंह के कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद दोनों हाथी टेड़ासेमर गांव पहुंचे, जहां दसरिन कोरवा का कच्चा मकान और कार्तिक कोरवा की झोपड़ी भी तोड़ दी। ग्रामीणों के शोर मचाने और हल्ला करने पर दोनों हाथी वापस जंगल की ओर लौट गए।
बाइक सवार पर भी किया हमला
इससे पहले शुक्रवार शाम अलोला बीट क्षेत्र में कापू से किलकिला जा रहे बाइक सवार राजेंद्र सर्पराज और उनके साथी सुखराम डोगीदरहा का सामना सड़क किनारे खड़े हाथियों से हो गया। हाथियों के आक्रामक होने पर दोनों ने मौके से भागने की कोशिश की। सुखराम तो सुरक्षित बच निकले, लेकिन राजेंद्र सर्पराज हाथी के हमले में घायल हो गए। घायल का उपचार कराया गया है।
जिले में 150 से अधिक हाथियों की मौजूदगी
वन विभाग के मुताबिक रायगढ़ जिले में इस समय 150 से अधिक हाथी मौजूद हैं। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार अकेले धरमजयगढ़ वन मंडल में 126 हाथी हैं, जिनमें 35 नर, 66 मादा और 25 शावक शामिल हैं। सबसे अधिक 18 हाथी लैलूंगा रेंज के मुकडेगा बीट क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात के समय जंगल और हाथियों के मूवमेंट वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। हाथियों की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।



