सीजी भास्कर, 19 जून : छत्तीसगढ़ के औद्योगिक जिले रायगढ़ से ऑनलाइन व्यापारिक धोखाधड़ी (Raigarh Online Fraud Business) का एक नया मामला सामने आया है। यहां लैलूंगा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक शातिर ठग ने खुद को राजधानी रायपुर का बड़ा एल्युमिनियम कारोबारी बताकर स्थानीय व्यवसाई से ₹50,000 की ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। आरोपी ने अपनी झूठी पहचान और फर्जी फर्म का हवाला देकर एडवांस पैसे ऐंठे और फिर अपना मोबाइल बंद कर रफूचक्कर हो गया। पीड़ित व्यापारी की लिखित शिकायत पर लैलूंगा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी (आईपीसी/बीएनएस) की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
बंजारी माता मंदिर रायपुर की फर्जी फर्म का दिया हवाला
लैलूंगा पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, कस्बा लैलूंगा के गांधी नगर (वार्ड नंबर-7) के रहने वाले विजय राणा (32 वर्ष) स्थानीय बाजार में ‘विजय एल्युमिनियम एंड ग्लास शॉप’ के नाम से अपनी दुकान संचालित करते हैं। वे बड़े पैमाने पर एल्युमिनियम सेक्शन और ग्लास (कांच) का व्यापार करते हैं।
बीते 29 मई को विजय राणा के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले शख्स ने बेहद पेशेवर लहजे में बात करते हुए खुद को एल्युमिनियम सेक्शन का थोक व्यापारी बताया। ठग ने पीड़ित को झांसे में लेने के लिए अपनी फर्जी पहचान मुकेश शर्मा के रूप में दी और बताया कि रायपुर के भनपुरी स्थित बंजारी माता मंदिर के पास ‘आशीर्वाद इंटरप्राइजेज’ के नाम से उसका बड़ा व्यापारिक संस्थान (फर्म) है।
सस्ते माल का लालच देकर एडवांस मंगाए ₹50 हजार, फिर बंद किया फोन
कथित व्यापारी मुकेश शर्मा ने विजय राणा को बाजार से काफी कम और किफायती दामों पर एल्युमिनियम सेक्शन और हार्डवेयर का सामान सप्लाई करने का आकर्षक ऑफर दिया। रायपुर की बड़ी मंडी और बंजारी माता मंदिर जैसे जाने-पहचाने इलाके का नाम सुनकर विजय राणा उसके झांसे में आ गए और माल का ऑर्डर फाइनल कर दिया।
इसके बाद शातिर ठग ने ऑर्डर डिस्पैच करने और गाड़ी लोड कराने के नाम पर एडवांस भुगतान की मांग की। विजय राणा ने भरोसे में आकर उसके बताए गए बैंक खाते/यूपीआई आईडी पर 50,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। रकम खाते में जमा होते ही ठग ने सामान भेजना तो दूर, अपना मोबाइल फोन ही पूरी तरह से बंद कर लिया।
रायपुर में नहीं मिली कोई दुकान, पुलिस जांच में जुटी
काफी दिनों तक मोबाइल बंद रहने और रायपुर से माल की डिलीवरी न होने पर जब विजय राणा को ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने अपने स्तर पर भनपुरी रायपुर में पता करवाया, जहाँ ‘आशीर्वाद इंटरप्राइजेज’ नाम की कोई भी अधिकृत दुकान अस्तित्व में नहीं मिली। अपनी गाढ़ी कमाई डूबने के बाद पीड़ित व्यवसायी ने तत्काल लैलूंगा थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई। लैलूंगा पुलिस का कहना है कि आरोपी के मोबाइल नंबर और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री (बैंक स्टेटमेंट) के आधार पर साइबर सेल की मदद ली जा रही है, ताकि आरोपी की वास्तविक लोकेशन और असली पहचान का पता लगाकर उसे जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।





