सीजी भास्कर, 7 जून : नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के संवेदनशील मामले की विवेचना में गंभीर लापरवाही (Raipur Gangrape Case) बरतने पर सिलयारी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक जितेंद्र दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने यह कार्रवाई करते हुए मामले में जवाबदेही तय करने का संकेत दिया है। पिछले कई दिनों से इस प्रकरण को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे थे तथा पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग लगातार उठाई जा रही थी।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायपुर (ग्रामीण) द्वारा जारी आदेश के अनुसार चौकी सिलयारी, थाना धरसींवा में दर्ज अपराध क्रमांक 207/26 की जांच के दौरान गंभीर लापरवाही (Raipur Gangrape Case) सामने आई। जांच में विवेचना संबंधी प्रक्रियाओं में अपेक्षित सतर्कता और जवाबदेही नहीं बरते जाने के कारण उपनिरीक्षक जितेंद्र दुबे के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई। आदेश के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायपुर (ग्रामीण) से संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
7 जून को जारी हुआ निलंबन आदेश
एसपी ग्रामीण श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के हस्ताक्षर से 7 जून को जारी आदेश की प्रतिलिपि रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं यातायात, उप पुलिस अधीक्षक माना सहित संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है। थाना प्रभारी धरसींवा को निर्देश दिया गया है कि आदेश की तामील कराते हुए निलंबित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किया जाए।
भाजपा और कांग्रेस दोनों ने उठाया था मुद्दा
नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के इस मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ने मुखर होकर आवाज उठाई थी। भाजपा की ओर से पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल, जिला पंचायत सभापति सरोज चंद्रवंशी और सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश अग्रवाल ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
वहीं कांग्रेस ने भी धरसींवा क्षेत्र में प्रदर्शन कर मामले को प्रमुखता से उठाया। पूर्व विधायक अनिता शर्मा, जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष पप्पू राजेंद्र बंजारे, भावेश बघेल, दुर्गेश वर्मा और आशीष वर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपकर पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की थी। कांग्रेस ने कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में 9 जून को चक्काजाम की चेतावनी भी दी थी।
आगे की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
चौकी प्रभारी के निलंबन को मामले में जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि पीड़िता को न्याय दिलाने, आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर लोगों की निगाहें अब पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।



