सीजी भास्कर, 28 अगस्त : निलंबित आईएएस अधिकारी रानू साहू (Ranu Sahu Case) की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। कोयला घोटाले में अंतरिम जमानत पर रिहा रानू साहू के खिलाफ अब लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने जांच शुरू कर दी है। गरियाबंद जिले के तुलसी गांव स्थित उनके मकान, फार्म हाउस और दुकानों की जांच पीडब्ल्यूडी की टीम करेगी। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने पीडब्ल्यूडी मुख्यालय से इन संपत्तियों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
पीडब्ल्यूडी ने रायपुर संभाग क्रमांक-दो को जांच की जिम्मेदारी दी है। विभागीय टीम यह पता लगाएगी कि इन भवनों का निर्माण कब हुआ, इसमें कितना खर्च आया और उपयोग की गई सामग्री की मौजूदा कीमत कितनी है। मकान, फार्म हाउस में लगे झूमर, फॉल सीलिंग, मॉड्यूलर किचन, महंगे इलेक्ट्रानिक्स, इंटीरियर डेकोरेशन और फर्नीचर की भी जांच होगी।
खास बात यह है कि ये संपत्तियां कृषि भूमि पर बनी हुई हैं और बिना पंचायत की अनुमति (NOC) के निर्माण किया गया है। पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार यह निर्माण नियमों के विरुद्ध हुआ है और पहले राजस्व विभाग ने जमीन को सील भी किया था। वर्तमान में यहां धूम कैलिफोर्निया नामक रेस्टोरेंट संचालित है। तुलसी गांव की 0.622 हेक्टेयर भूमि पर यह निर्माण अरुण कुमार साहू और लक्ष्मी साहू के नाम दर्ज है।
गौरतलब है कि 22 जुलाई 2023 को ईडी ने रानू साहू (Ranu Sahu Case) को कोयला और डीएमएफ घोटाले में गिरफ्तार किया था। सुप्रीम कोर्ट से 3 मार्च 2025 को उन्हें सशर्त जमानत मिली, जिसमें कहा गया है कि वह राज्य से बाहर रहेंगी और केवल जांच या सुनवाई के लिए छत्तीसगढ़ आ सकेंगी। फिलहाल ईओडब्ल्यू इन संपत्तियों के निर्माण खर्च, अनुमति और वास्तविक आय के बीच अंतर की गहन जांच कर रही है।