सीजी भास्कर 25 जून। बिलासपुर/रतनपुर में अखंड ब्राह्मण समाज सेवा समिति ने रतनपुर स्थित शक्तिपीठ भैरव बाबा मंदिर प्रांगण में निःशुल्क उपनयन संस्कार का आयोजन किया। इस अनुष्ठान में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए ब्राह्मण बटुकों का वैदिक रीति-रिवाज और शास्त्रोक्त विधि-विधान से यज्ञोपवीत संस्कार संपन्न कराया गया। (Ratanpur Upanayan Ceremony)
कार्यक्रम का संचालन विप्र जागरण प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष पं. जागेश्वर अवस्थी के निर्देशन में हुआ। उन्होंने बताया कि अखंड ब्राह्मण समाज सेवा समिति द्वारा यह उपनयन संस्कार लगातार चौथे वर्ष आयोजित किया जा रहा है, जो वैदिक परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप होता है।
संस्कार संपन्न होने के बाद बटुकों की एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें समाज के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समिति के प्रदेश अध्यक्ष योगेश तिवारी ने जानकारी दी कि प्रदेशभर के विभिन्न जिलों से आए 31 ब्राह्मण बटुकों का निःशुल्क उपनयन संस्कार (Ratanpur Upanayan Ceremony) कराया गया। इस दौरान विद्वान आचार्यों की उपस्थिति में यज्ञोपवीत धारण, गायत्री मंत्र दीक्षा और अन्य वैदिक अनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न हुए।
नारीशक्ति प्रकोष्ठ की प्रदेश प्रमुख चित्रा तिवारी ने उपनयन संस्कार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में वर्णित षोडश संस्कारों में उपनयन संस्कार का विशेष स्थान है। यह संस्कार बटुक को गायत्री मंत्र जप और वैदिक अध्ययन का अधिकारी बनाता है।
चित्रा तिवारी ने आगे कहा कि ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक मूल्यों से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम हैं।
अनुष्ठान को आचार्य पं. राजेंद्र दुबे, उपाचार्य पं. कान्हा तिवारी, महेश्वर पांडे और दीपक अवस्थी सहित अन्य विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-पूजन और शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया।
पूरे संस्कार के दौरान वातावरण मंत्रध्वनि से गुंजायमान रहा और उपस्थित श्रद्धालुजन भक्ति-भाव में डूबे नजर आए।
रतनपुर के भैरव बाबा मंदिर परिसर में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम (Ratanpur Upanayan Ceremony) में पूरे दिन आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुए संस्कार ने उपस्थित श्रद्धालुओं को सनातन परंपराओं की झलक दिखाई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में रतनपुर नारीशक्ति प्रकोष्ठ की अध्यक्ष कल्याणी शर्मा, पं. कान्हा तिवारी और पं. राजेंद्र शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर प्रतीक तिवारी, गुंजा पांडेय, सुनीता तिवारी, सविता वीरेंद्र शर्मा, मंजू शर्मा सहित बड़ी संख्या में समाजजन, अभिभावक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।



