सीजी भास्कर, 12 जनवरी। भिलाई अंचल के जाने-माने लोकवाद्य संग्राहक और लोक कलाकार रिखी क्षत्रिय के साथ छत्तीसगढ़िया कलाकारों का समूह इस वर्ष नई दिल्ली में आयोजित 26 जनवरी की गणतंत्र दिवस परेड में गणतंत्र दिवस झांकी (Republic Day Tableau) के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक छाप छोड़ेगा।
विशेष बात यह है कि इस बार रिखी क्षत्रिय अपने मूल प्रदेश छत्तीसगढ़ के बजाय मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। रिखी और उनका कलाकार दल सोमवार को राष्ट्रीय समारोह में सहभागिता के लिए नई दिल्ली रवाना हो गया।
रिखी क्षत्रिय ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार की जा रही गणतंत्र दिवस झांकी (Republic Day Tableau) में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण को केंद्र में रखा गया है। झांकी में इस ऐतिहासिक कार्य के उपरांत आदिवासी समुदाय द्वारा उत्सव मनाकर लोकमाता के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के दृश्य को विशेष रूप से दर्शाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि झांकी के दौरान उनके साथ कलाकारों का समूह पारंपरिक आदिवासी लोकनृत्य करते हुए आगे बढ़ेगा, जो भारतीय सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय परंपराओं की जीवंत प्रस्तुति होगी। गणतंत्र दिवस झांकी (Republic Day Tableau) में शामिल होने वाले कलाकारों में प्रदीप कुमार, संजीव कुमार बैस, पारस रजक, सुनील कुमार, भीमेश सतनामी, वेदप्रकाश देवांगन और प्रमोद शामिल हैं।
गौरतलब है कि रिखी क्षत्रिय लोक परंपरा पर आधारित झांकियों का गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय समारोह में विगत दो दशकों में अब तक 11 बार नेतृत्व कर चुके हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोक-कलाओं को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए विशेष रूप से जाना जाता है।


