सीजी भास्कर, 10 जुलाई। ऐसे कई इलाके हैं जहां मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह जवाब (Satellite Phone) दे देता है और जरूरत के समय लोगों का संपर्क टूट जाता है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए अब एक ऐसा दूरसंचार उपकरण सामने आया है, जो सामान्य नेटवर्क न होने पर भी संचार बनाए रखने में मदद करेगा। इसकी कीमत जरूर चौंकाती है, लेकिन इसकी उपयोगिता खास परिस्थितियों के लिए बताई जा रही है।
इस नए उपकरण की जानकारी सामने आने के बाद रक्षा, आपदा प्रबंधन और दूरदराज क्षेत्रों में काम करने वाली संस्थाओं के बीच इसकी चर्चा तेज हो गई है। आम लोगों के लिए यह फोन उपलब्ध नहीं होगा और इसके इस्तेमाल के लिए सरकारी अनुमति अनिवार्य रहेगी।
बीएसएनएल ने पेश किया नया सैटेलाइट फोन Satellite Phone
सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने भारत में नया सैटेलाइट फोन पेश किया है। इस डिवाइस की कीमत टैक्स सहित 1,34,166 रुपये तय की गई है। यह कीमत कई प्रीमियम स्मार्टफोन से भी अधिक है, लेकिन इसे सामान्य उपभोक्ताओं के लिए नहीं बनाया गया है। कंपनी के अनुसार इस फोन का उपयोग केवल दूरसंचार विभाग की अनुमति मिलने के बाद ही किया जा सकेगा।
जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं, वहां भी करेगा काम
बीएसएनएल का कहना है कि यह सैटेलाइट फोन उन क्षेत्रों में भी संचार सुविधा उपलब्ध कराता है जहां सामान्य मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं होते। इसकी सहायता से दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में भी वॉइस कॉल की जा सकती है। आपातकालीन परिस्थितियों में संपर्क बनाए रखने के लिए इसमें लंबी बैटरी दी गई है, जिससे कठिन हालात में भी लंबे समय तक इसका इस्तेमाल संभव हो सके।
इन क्षेत्रों के लिए तैयार किया गया उपकरण
कंपनी ने बताया कि इस डिवाइस को रक्षा सेवाओं, समुद्री गतिविधियों, आपदा राहत कार्यों, खनन परियोजनाओं और दूरदराज क्षेत्रों में काम करने वाली एजेंसियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इसके अलावा तीर्थयात्रियों और एडवेंचर ट्रैवल से जुड़े विशेष उपयोग के लिए भी इसे उपयुक्त माना (Satellite Phone) गया है। मजबूत और टिकाऊ डिजाइन के कारण यह कठिन परिस्थितियों में भी आसानी से काम कर सकता है।
बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे
बीएसएनएल ने स्पष्ट किया है कि भारत में सैटेलाइट फोन का उपयोग सामान्य मोबाइल फोन की तरह नहीं किया जा सकता। इसका इस्तेमाल करने के लिए केंद्र सरकार और दूरसंचार विभाग की अनुमति लेना जरूरी होगा। इससे संबंधित अधिक जानकारी या प्रक्रिया जानने के लिए अधिकृत संस्थाएं और पात्र उपयोगकर्ता अपने नजदीकी बीएसएनएल कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
4जी नेटवर्क का भी तेजी से विस्तार
कंपनी के अनुसार देशभर में करीब 99 हजार 4जी साइट्स स्थापित की जा चुकी हैं। इन साइट्स के माध्यम से उपभोक्ताओं तक 4जी सेवाएं पहुंचाई (Satellite Phone) जा रही हैं। बीएसएनएल का कहना है कि सैटेलाइट संचार और 4जी नेटवर्क के विस्तार के जरिए देश के दूरस्थ और कठिन क्षेत्रों तक बेहतर दूरसंचार सेवाएं पहुंचाने का प्रयास लगातार जारी है।



