सीजी भास्कर, 09 जुलाई। हैदराबाद। अभिनेता दिलजीत दोसांझ अभिनीत और मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘सतलुज’ की रिलीज के महज 48 घंटे बाद ही इसे OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 से हटा दिया गया। फिल्म 3 जुलाई को बिना किसी पूर्व प्रचार के प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई थी, लेकिन 5 जुलाई से इसकी स्ट्रीमिंग बंद कर दी गई। इस घटनाक्रम के बाद OTT कंटेंट के नियमन और आईटी नियमों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। (Satluj Removed from ZEE5)
ZEE5 ने जारी किया आधिकारिक बयान : Satluj Removed from ZEE5
फिल्म हटाए जाने के बाद ZEE5 ने बयान जारी कर कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ‘सतलुज’ अगली सूचना तक भारत में उपलब्ध नहीं रहेगी। हालांकि प्लेटफॉर्म ने फिल्म हटाने की वजह स्पष्ट नहीं की, लेकिन यह जरूर कहा कि फिल्म को दोबारा दर्शकों तक पहुंचाने के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
प्लेटफॉर्म ने फिल्म को मिले दर्शकों के प्यार के लिए आभार जताते हुए कहा कि वह रचनात्मक स्वतंत्रता और सार्थक कहानियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है।
सुरक्षा चिंताओं का दिया गया हवाला
जानकारी के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों के तहत सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए फिल्म को हटाने के निर्देश दिए गए। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि फिल्म के किस हिस्से पर आपत्ति जताई गई।
क्या OTT पर भी फिल्म रोकी जा सकती है? : Satluj Removed from ZEE5
भारत में सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली फिल्मों के लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का प्रमाणपत्र जरूरी होता है, लेकिन OTT प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम होने वाली फिल्मों और वेब सीरीज का नियमन अलग व्यवस्था के तहत किया जाता है। इन प्लेटफॉर्म्स पर सामग्री का संचालन सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के अनुसार होता है।
आईटी नियमों में क्या हैं प्रावधान?
आईटी नियम, 2021 के तहत अश्लील, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली, नाबालिगों के लिए हानिकारक या किसी भी प्रकार की अवैध सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करना प्रतिबंधित है। इसके अलावा भ्रामक डीपफेक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार फर्जी सामग्री पर भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
OTT प्लेटफॉर्म को कंटेंट की आयु-आधारित श्रेणी तय करना, आचार संहिता का पालन करना और जरूरत पड़ने पर प्रतिबंधित सामग्री हटाना अनिवार्य है।


