सीजी भास्कर, 17 दिसंबर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबित राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी सौम्या चौरसिया को दोबारा गिरफ्तार (Saumya Chaurasia Arrest) किया है। मंगलवार रात लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने उन्हें हिरासत में लिया था। बुधवार को सौम्या को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने ईडी को तीन दिन की रिमांड मंजूर कर दी।
ईडी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि यह गिरफ्तारी नए साक्ष्यों और पूछताछ के दौरान सामने आए अहम इनपुट के आधार पर की गई है। जांच एजेंसी ने कहा कि सौम्या चौरसिया से जुड़े वित्तीय लेनदेन की कड़ियां अब और स्पष्ट रूप से सामने आ रही हैं, जिनकी गहन जांच जरूरी है।
115 करोड़ रुपये मिलने का दावा
सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से अधिवक्ता डॉ. सौरभ पांडेय ने अदालत को बताया कि शराब घोटाले के दौरान सौम्या चौरसिया को कारोबारी लक्ष्मीनारायण बंसल के माध्यम से कुल 115 करोड़ रुपये मिले थे। इसमें से 72 करोड़ रुपये कथित तांत्रिक केके श्रीवास्तव के जरिए हवाला नेटवर्क से ट्रांसफर कराए गए।
ईडी का कहना है कि यह रकम आगे किसे भेजी गई, इसकी जानकारी अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है और इसी बिंदु पर सौम्या से गहन पूछताछ (Saumya Chaurasia Arrest) की आवश्यकता है। एजेंसी ने कोर्ट को यह भी बताया कि पूछताछ के दौरान इस लेनदेन को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं मिले।
डायरी में करोड़ों की एंट्रियों से बढ़ी मुश्किल
ईडी के अनुसार, जांच के दौरान सौम्या चौरसिया की एक डायरी भी बरामद हुई है, जिसमें करीब 43.50 करोड़ रुपये से संबंधित लेनदेन की एंट्रियां दर्ज हैं। इन एंट्रियों को लेकर जब पूछताछ की गई, तो सौम्या कथित तौर पर टालमटोल करती रहीं। इसी के बाद एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार करने का निर्णय लिया।
सौम्या चौरसिया की ओर से अधिवक्ता हर्ष परगनिहा ने कोर्ट में बचाव पक्ष रखते हुए रिमांड का विरोध किया, लेकिन अदालत ने ईडी के तर्कों को सुनने के बाद तीन दिन की रिमांड मंजूर कर ली।
पहले से कोयला घोटाले में आरोपी
गौरतलब है कि सौम्या चौरसिया पहले से ही कोयला घोटाले के मामले में मुख्य आरोपियों में शामिल हैं। इसी वर्ष मई में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अन्य आरोपियों के साथ सशर्त जमानत (Saumya Chaurasia Arrest) दी थी। उस दौरान कोर्ट ने उन्हें छत्तीसगढ़ से बाहर रहने का निर्देश दिया था।
जमानत के बाद सौम्या बेंगलुरु में रह रही थीं और हर महीने रायपुर आकर संबंधित अदालत में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही थीं। अब शराब घोटाले में दूसरी गिरफ्तारी के बाद उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
ईडी सूत्रों का कहना है कि रिमांड अवधि के दौरान सौम्या से हवाला लेनदेन, डायरी में दर्ज एंट्रियों और अन्य आरोपियों से संबंधों को लेकर विस्तार से पूछताछ की जाएगी। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।





