सीजी भास्कर, 27 जनवरी | Sex CD Case High Court Appeal : रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सेक्स सीडी प्रकरण में सेशन कोर्ट द्वारा दोबारा ट्रायल शुरू करने के आदेश के बाद अब मामला एक बार फिर उच्च न्यायालय की दहलीज़ तक पहुँचने वाला है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साफ किया है कि वे सेशन कोर्ट के इस फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में अपील दायर करेंगे।
सीबीआई की याचिका से बदला केस का रुख
मार्च 2025 में सीबीआई की विशेष अदालत ने भूपेश बघेल को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया था, लेकिन इसके बाद सीबीआई ने सेशन कोर्ट में रिव्यू पिटिशन दाखिल की। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए सेशन कोर्ट ने ट्रायल दोबारा शुरू करने का आदेश दिया, जिससे केस की दिशा एक बार फिर बदल गई।
‘कानून के दायरे में जारी है प्रक्रिया’
सेशन कोर्ट के आदेश के बाद मीडिया से बातचीत में भूपेश बघेल ने कहा कि यह पूरा मामला न्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत है। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें इस केस से डिस्चार्ज किया जा चुका था, लेकिन अब अदालत के नए आदेश के खिलाफ वे कानूनी रास्ता अपनाते हुए हाई कोर्ट जाएंगे।
अन्य आरोपियों को नहीं मिली राहत
इस प्रकरण में भूपेश बघेल के अलावा कारोबारी कैलाश मुरारका, पूर्व सलाहकार विनोद वर्मा, विजय भाटिया और विजय पांडेय भी आरोपी हैं। कारोबारी कैलाश मुरारका और विनोद वर्मा ने आरोपमुक्त होने के लिए आवेदन किया था, लेकिन सेशन कोर्ट ने यह कहते हुए अर्जियां खारिज कर दीं कि उनके खिलाफ ट्रायल चलाने लायक साक्ष्य मौजूद हैं।
राजनीति में हलचल मचाने वाला मामला
यह केस छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक अहम मोड़ माना जाता है। सितंबर 2018 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इस मामले ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया था। तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल और विनोद वर्मा की गिरफ्तारी ने राज्य की राजनीति को सीधे प्रभावित किया था।
2017 में हुई थी केस की शुरुआत
इस पूरे विवाद की जड़ अक्टूबर 2017 में सामने आई कथित सेक्स सीडी है। मामले में पंडरी थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसमें अश्लील वीडियो के ज़रिये ब्लैकमेलिंग और पैसों की मांग के आरोप लगाए गए थे। जांच के दौरान दिल्ली तक लिंक सामने आए और कई नाम केस से जुड़े। इस प्रकरण में एक आरोपी रिंकू खनूजा की आत्महत्या भी चर्चा का विषय बनी थी।




