सीजी भास्कर, 10 सितंबर : चांपा में पुलिस अभिरक्षा में लिए गए युवक की इलाज के दौरान मौत के बाद मामला गरमा गया है। युवक की मौत के मामले (Shiv Sahis Death) में परिजनों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाते हुए चांपा थाने का घेराव किया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। हालांकि, पुलिस अभिरक्षा में मारपीट के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
इलाज के दौरान हुई मौत
जांजगीर-चांपा जिले के चांपा थाना क्षेत्र के मेहंदीपारा निवासी शिव साहिस उर्फ गुल्लू को पुलिस ने महुआ शराब से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए शासकीय बीडीएम अस्पताल चांपा में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस अभिरक्षा में मौत (Shiv Sahis Death) की जानकारी सामने आने के बाद परिजन और मोहल्लेवासी आक्रोशित हो गए। बड़ी संख्या में लोग चांपा थाना पहुंचे और घेराव करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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मारपीट का लगाया आरोप
परिजनों का आरोप है कि गिरफ्तारी के दौरान शिव साहिस के साथ पुलिसकर्मियों ने मारपीट की थी। उनका कहना है कि इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसी आरोप को लेकर स्वजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग रखी।
हालांकि पुलिस मारपीट के आरोप (Shiv Sahis Death) की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मौत की वास्तविक वजह क्या रही, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
दो पुलिसकर्मियों को हटाने की मांग
मामले में परिजनों की ओर से दो पुलिसकर्मियों को नौकरी से हटाने और उचित मुआवजा देने की मांग किए जाने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद चांपा थाना परिसर के आसपास तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई।
स्थिति को देखते हुए जनप्रतिनिधि और नगर के प्रबुद्ध नागरिक भी मौके पर पहुंचे। कुछ लोगों ने परिजनों से चर्चा कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया, जबकि कुछ लोग पुलिस कार्रवाई के विरोध में नजर आए।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट अहम
अब इस मौत की जांच (Shiv Sahis Death) में सबसे अहम सवाल यह है कि गिरफ्तारी के बाद शिव साहिस की तबीयत किन परिस्थितियों में बिगड़ी। उसकी मौत किस वजह से हुई, इसका स्पष्ट जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मिल सकेगा।
पुलिस अभिरक्षा में मारपीट के आरोपों की फिलहाल पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और निष्पक्ष जांच पूरे मामले में महत्वपूर्ण होगी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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