रिपोर्टर – मनुराज सिंह
सीजी भास्कर, 08 जून। जरहागांव नगर पंचायत में दुकानों को सील किए जाने की कार्रवाई के बाद माहौल गरमा (Shop Sealing) गया है। बाजार क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर पूरे दिन चर्चा होती रही और कई व्यापारियों ने अपना कारोबार बंद रखकर विरोध दर्ज कराया। कार्रवाई के बाद व्यापारियों और नगर पंचायत प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बन गई है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस कदम से उनके व्यवसाय पर सीधा असर पड़ा है। वहीं दूसरी ओर नगर पंचायत प्रशासन का दावा है कि पूरी कार्रवाई नियमों के तहत की गई है। मामले को लेकर दोनों पक्षों के अपने अपने तर्क सामने आ रहे हैं।
व्यापारियों ने जताई नाराजगी : Shop Sealing
दुकानों को सील किए जाने के विरोध में व्यापारियों ने बाजार बंद कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारी शुभम बख्तानी पर मनमानी का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। व्यापारियों का कहना है कि बिना पर्याप्त संवाद और समाधान निकाले की गई कार्रवाई से उनकी आजीविका प्रभावित हुई है। उन्होंने प्रशासन से इस फैसले पर पुनर्विचार करने और कार्रवाई वापस लेने की मांग की है।
नगर पंचायत ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद मुख्य नगर पालिका अधिकारी शुभम बख्तानी ने भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने व्यापारियों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संबंधित दुकानें लंबे समय से संचालित हो रही हैं और कई दुकानदारों द्वारा निर्धारित किराया जमा नहीं किया जा रहा था। उनके अनुसार बकाया राशि जमा कराने के लिए नियमानुसार कई बार नोटिस जारी किए गए थे। इसके अलावा मौखिक और लिखित रूप से भी भुगतान करने का आग्रह किया गया था।
नोटिस के बाद हुई कार्रवाई
नगर पंचायत का कहना है कि किराया वसूली के लिए तीन बार नोटिस देने के बाद भी अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में नियमानुसार कार्रवाई (Shop Sealing) की गई। अधिकारियों के मुताबिक इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल बकाया किराया वसूलना था और इसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है।
कर्मचारियों के वेतन पर भी असर
नगर पंचायत प्रशासन का कहना है कि दुकानों से मिलने वाला किराया संस्था की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। इसी राशि से कर्मचारियों के वेतन और अन्य प्रशासनिक खर्च पूरे किए जाते हैं। बताया गया कि किराया नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों का लगभग दो माह का वेतन लंबित है, जिससे वित्तीय दबाव बढ़ रहा है।
विवाद के समाधान पर टिकी निगाहें
फिलहाल व्यापारियों और नगर पंचायत के बीच विवाद बना हुआ है। व्यापारियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए हैं, जबकि प्रशासन कार्रवाई को पूरी तरह नियमसम्मत बता रहा है। अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि दोनों पक्ष बातचीत के जरिए कोई समाधान निकालते हैं या यह विवाद आगे और बढ़ता है।



