सीजी भास्कर 20 अप्रैल
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पिता की हत्या के मामले में दोषी बेटे की सजा में संशोधन करते हुए उम्रकैद को घटाकर 10 साल की कठोर कैद कर दिया है। अदालत ने माना कि घटना पूर्व नियोजित नहीं थी, बल्कि अचानक हुए विवाद और गुस्से में हुई थी, इसलिए इसे हत्या नहीं बल्कि गैर इरादतन हत्या माना गया।
अचानक विवाद में हुआ था वारदात
मामला साल 2020 का है, जब पिता और बेटे के बीच घरेलू विवाद हुआ था। इसी दौरान गुस्से में बेटे ने वाहन से पिता को कुचल दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
निचली अदालत ने सुनाई थी उम्रकैद
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। ट्रायल कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसे आरोपी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
हाईकोर्ट ने बदली सजा की धाराएं
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि घटना पूर्व नियोजित नहीं थी और आवेश में हुई थी। इसी आधार पर अदालत ने हत्या की धारा को बदलकर गैर इरादतन हत्या में परिवर्तित कर दिया और सजा को घटाकर 10 साल कर दिया। आरोपी को शेष सजा जेल में ही पूरी करनी होगी।


